नई दिल्ली (27 मई 2025): दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय (DoE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 11वीं में नॉन-प्लान दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह प्रक्रिया 27 मई 2025 से ऑनलाइन माध्यम से शुरू हुई है और तीन चरणों में चलेगी। जिन छात्रों ने दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों या अन्य मान्यता प्राप्त बोर्डों से 10वीं पास की है, वे इसके पात्र हैं। सरकारी या सहायता प्राप्त स्कूलों से 2024-25 में पास हुए छात्र इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकते। इस प्रवेश प्रक्रिया का उद्देश्य निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों में आने वाले छात्रों को अवसर देना है।
पंजीकरण की पहली चरण की प्रक्रिया 27 मई दोपहर 12 बजे से शुरू होकर 9 जून 2025 शाम 5 बजे तक चलेगी। इसके बाद, दूसरा चरण 1 जुलाई से 10 जुलाई तक और तीसरा चरण 1 अगस्त से 11 अगस्त तक चलेगा। इच्छुक छात्र शिक्षा निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट www.edudel.nic.in पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के दौरान छात्रों को अपनी पिछली कक्षा की मार्कशीट और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
साइंस स्ट्रीम में दाखिला लेने के लिए छात्रों को कक्षा 10वीं में न्यूनतम 55% अंक प्राप्त करने अनिवार्य हैं। यदि छात्र साइंस के साथ गणित लेना चाहते हैं, तो उन्हें अंग्रेजी, गणित और विज्ञान में प्रत्येक विषय में कम से कम 50% अंक लाना अनिवार्य है। वहीं, यदि कोई छात्र गणित नहीं लेता है, तो गणित में थोड़ी छूट है लेकिन कुल मिलाकर अच्छे अंकों की आवश्यकता बनी रहती है।
कॉमर्स स्ट्रीम के इच्छुक छात्रों को भी 10वीं में कम से कम 50% अंक लाने होंगे। यदि कोई छात्र गणित के साथ कॉमर्स लेना चाहता है, तो उसे अंग्रेजी में 45%, गणित में 50% और सामाजिक विज्ञान में 45% अंक लाने होंगे। वहीं, गणित के बिना कॉमर्स लेने वालों को अंग्रेजी या हिंदी तथा सामाजिक विज्ञान में 45% अंक आवश्यक हैं।
मानविकी (ह्यूमैनिटीज़) स्ट्रीम में दाखिले के लिए सिर्फ कक्षा 10वीं पास होना आवश्यक है। लेकिन यदि कोई छात्र मानविकी में अर्थशास्त्र लेना चाहता है, तो उसका कुल स्कोर कम से कम 45% होना चाहिए। गणित को इस स्ट्रीम में लेने के इच्छुक छात्रों के लिए, मानक गणित या गणित में न्यूनतम 50% अंक अनिवार्य होंगे। यह नियम छात्रों की शैक्षणिक क्षमता के अनुरूप विषय चयन सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं।
जो छात्र 2024-25 में दिल्ली सरकार के स्कूलों से ही 10वीं पास कर चुके हैं, उन्हें इस ऑनलाइन मॉड्यूल से आवेदन की अनुमति नहीं दी गई है। उन्हें सीधे अपने पुराने स्कूल में जाकर ही 11वीं में प्रवेश के लिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस प्रतिबंध का उद्देश्य सिस्टम को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाना है।
नॉन प्लान एडमिशन प्रक्रिया खासतौर से उन छात्रों के लिए फायदेमंद है, जो निजी स्कूलों से सरकारी स्कूलों की ओर रुख करना चाहते हैं। खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही, यह पहल दिल्ली सरकार की शिक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक और कदम है।
शिक्षा निदेशालय ने छात्रों और अभिभावकों को समय पर पंजीकरण कराने की सलाह दी है ताकि उन्हें वांछित स्ट्रीम और स्कूल में दाखिले का अवसर मिल सके। दाखिले के दौरान स्टूडेंट की पसंद, योग्यता और सीटों की उपलब्धता के आधार पर स्कूल आवंटित किए जाएंगे। सभी चयनित छात्रों को दस्तावेज़ सत्यापन और स्कूल रिपोर्टिंग के लिए निर्धारित समयसीमा के भीतर उपस्थित होना होगा।
ऑनलाइन आवेदन में किसी भी समस्या या तकनीकी कठिनाई की स्थिति में शिक्षा निदेशालय ने हेल्पलाइन और गाइडलाइन भी जारी की है। इसके अलावा, वेबसाइट पर FAQs और चरणबद्ध निर्देश भी दिए गए हैं ताकि छात्रों को किसी तरह की दिक्कत न हो। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्थाएं मजबूत की गई हैं।
इस प्रवेश प्रक्रिया को लेकर छात्र, अभिभावक और शिक्षक वर्ग में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी जा रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह व्यवस्था शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच दोनों को बेहतर बनाएगी। दिल्ली सरकार की ओर से यह पहल शिक्षा को जनसामान्य तक पहुंचाने की दिशा में एक सशक्त कदम के रूप में देखी जा रही है।।
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