Operation Sindoor के बाद हाई अलर्ट पर देश, सीमावर्ती राज्यों के मुख्यमंत्री संग गृह मंत्री की बैठक

टेन न्यूज नेटवर्क

नई दिल्ली (07 मई 2025): भारत द्वारा 6-7 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त किए जाने के बाद देश में सुरक्षा हालात तेजी से बदले हैं। इस साहसिक सैन्य कार्रवाई के ठीक बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के नौ प्रमुख राज्यों के मुख्यमंत्रियों, मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों (DGP) के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई, जिसमें सीमावर्ती राज्यों की सुरक्षा और संभावित खतरे की आशंका को देखते हुए व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई।

गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल भी शामिल हुए। बैठक का प्रमुख उद्देश्य सीमावर्ती इलाकों में स्थिति का आकलन करना और संभावित सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए ठोस योजनाएं बनाना था। इस दौरान गृह मंत्री ने राज्यों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को एक्टिव मोड पर रखें।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद देश में 54 वर्षों में पहली बार हवाई हमलों से बचाव की मॉक ड्रिल की तैयारी की जा रही है। सरकार का मानना है कि मौजूदा हालात में नागरिक सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतना आवश्यक है। इसके लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे आम जनता को किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित रखा जा सके। वहीं, खुफिया एजेंसियों को भी संभावित आतंकी प्रतिक्रियाओं को लेकर सतर्क कर दिया गया है।

सरकार अब इस पूरे घटनाक्रम पर राष्ट्रीय सहमति बनाने की दिशा में भी बढ़ रही है। इसी के तहत गुरुवार सुबह 11 बजे संसद भवन परिसर में सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस बैठक में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता, पहलगाम हमले का बदला और वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बैठक की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की।

गौरतलब है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के नौ ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों में आतंकी सरगना मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य मारे गए। यह ऑपरेशन खास रणनीति के तहत केवल आतंकी अड्डों तक सीमित रखा गया और पाकिस्तानी सेना को सीधे तौर पर निशाना नहीं बनाया गया। भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई आतंकी हमलों का जवाब थी, युद्ध की मंशा नहीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट बैठक में सेना की इस रणनीतिक कार्रवाई की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “यह नया भारत है, जो हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम है। पूरा देश इस कार्रवाई को देख रहा था, और हमें यह कदम उठाना ही था।” वहीं, पाकिस्तान ने इस कार्रवाई को युद्ध की कार्यवाही बताते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश की है। फिलहाल भारत सरकार और सैन्य नेतृत्व किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से निपटने को पूरी तरह तैयार है। सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है और राज्यों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में सुरक्षा मामलों को लेकर और भी अहम बैठकें संभव हैं।


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