ऑपरेशन ‘सिंदूर’ : भारतीय सेना की ऐतिहासिक कार्रवाई, आतंकिस्तान में तबाही!
टेन न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली (07 मई 2025): 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए वीभत्स आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई, जिसके बाद केंद्र सरकार और भारतीय सेना ने सख्त रुख अपनाया। इसी क्रम में भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करते हुए एक संयुक्त सैन्य अभियान ऑपरेशन ‘सिंदूर’ को अंजाम दिया। यह पहला मौका है जब 1971 के युद्ध के बाद भारतीय थलसेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ इस स्तर की संयुक्त कार्रवाई की है। ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के तहत भारतीय वायुसेना ने अत्यंत सटीक और योजनाबद्ध एयरस्ट्राइक की, जिसमें पाकिस्तान और PoK के कुल 9 ठिकानों को निशाना बनाया गया। बहावलपुर और मुरीदके जैसे बड़े आतंकी अड्डों पर जबरदस्त हमला किया गया, जहां लगभग 25-30 आतंकवादी मारे गए। कुल मिलाकर भारतीय हमले में 80 से 90 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, हालांकि खुफिया एजेंसियां बाकी शिविरों में हताहतों की संख्या का आंकलन अभी कर रही हैं। यह कार्रवाई न सिर्फ सैन्य दृष्टिकोण से बल्कि रणनीतिक दृष्टिकोण से भी अभूतपूर्व मानी जा रही है।
पाकिस्तानी वायु रक्षा प्रणाली फेल
पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली, जिस पर उसने चीन निर्मित HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए भरोसा जताया था, पूरी तरह विफल साबित हुई। भारतीय मिसाइलों ने इतनी तेज़ी और सटीकता से वार किया कि पाकिस्तान के वायु रक्षा तंत्र को संभलने का मौका ही नहीं मिला। जानकारों का मानना है कि यह चीन से खरीदे गए ‘चाइनीज माल’ का एक और उदाहरण है, जो युद्ध के समय पूरी तरह ध्वस्त हो गया। भारत की सैन्य तकनीक और रणनीति ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दे दिया कि अब किसी भी आतंकी हरकत का माकूल जवाब सीधे उसके घर में घुसकर दिया जाएगा।
पाकिस्तान के इन जगहों को बनाया गया निशाना
पाकिस्तान को इस हमले की आशंका पहले से थी, इसी कारण उसने अपनी सीमाओं पर फौज की तैनाती बढ़ा दी थी। पाकिस्तानी वायुसेना ने JF-17 और J-10 जैसे लड़ाकू विमानों से सीमाओं पर गश्त बढ़ा दी थी। कराची, रावलपिंडी जैसे संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा के लिए HQ-9 डिफेंस सिस्टम लगाया गया, लेकिन ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के आगे ये सभी तैयारी धराशायी हो गई। भारतीय सेना ने PoK में गुलपुर, भीमबर, बाग, कोटली, सियालकोट, चक अमरू और मुजफ्फराबाद जैसे आतंकी ठिकानों को भी अपने रडार पर लिया और इन्हें सफलतापूर्वक निशाना बनाया।
क्या बोला पाकिस्तान?
भारत की इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसके छह अलग-अलग ठिकानों पर 24 हमले किए गए, जिनमें 8 नागरिकों की मौत हुई और 33 लोग घायल हुए हैं। हालांकि, भारत की ओर से इस पर कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है। वहीं, भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सभी निशाने आतंकी शिविर थे, जिनका संबंध सीधे 22 अप्रैल के हमले से था।
अलर्ट पर है सीमावर्ती राज्य
देश के उत्तरी राज्यों में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। पंजाब और हरियाणा के सभी एयरबेस हाई अलर्ट पर हैं। पंजाब के सीमावर्ती जिलों में प्रशासन ने सतर्कता के निर्देश जारी कर दिए हैं। पठानकोट जिला प्रशासन ने एहतियातन सभी स्कूलों को अगले 72 घंटे के लिए बंद करने का आदेश दिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जम्मू, श्रीनगर, लेह, जोधपुर, अमृतसर, भुज, जामनगर, चंडीगढ़ और राजकोट से आने-जाने वाली सभी उड़ानों को 7 मई दोपहर 12 बजे तक के लिए रद्द कर दिया है। अमृतसर जा रही दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को दिल्ली की ओर मोड़ दिया गया है।
भारत की इस निर्णायक कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि वह अब आतंकी हमलों को केवल निंदा तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि हर हमले का जवाब रणनीतिक और सैन्य स्तर पर दिया जाएगा। ऑपरेशन ‘सिंदूर’ सिर्फ एक सैन्य मिशन नहीं, बल्कि एक सशक्त संदेश है। भारत अब हर मोर्चे पर तैयार है।
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