दिल्ली में बढ़ता पावर संकट, कांग्रेस ने बिना टेंडर बिजली खरीद पर उठाए सवाल

टेन न्यूज़ नेटवर्क

नई दिल्ली (30 मार्च 2025): दिल्ली में तापमान बढ़ने के साथ ही बिजली संकट गहराता जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (DPCC) के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार बिजली की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए बिना टेंडर प्रक्रिया के महंगी दरों पर बिजली खरीदने की योजना बना रही है। उन्होंने इस कदम को उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला और भ्रष्टाचार से जुड़ा करार दिया है।

देवेंद्र यादव ने कहा कि गर्मियों की शुरुआत के साथ ही राजधानी में बिजली कटौती की घटनाएं बढ़ रही हैं। दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) के नए चेयरमैन की नियुक्ति के बाद बिजली कंपनियां बिना टेंडर के ऊंची दरों पर बिजली खरीदने की तैयारी में हैं, जिससे बिजली के दाम बढ़ सकते हैं और इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार मई 2025 से जुलाई 2025 के बीच 400 मेगावाट बिजली की सीधी खरीद की अनुमति DERC से मांग रही है।

कांग्रेस नेता ने इस खरीद प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए कहा कि सरकार बिना टेंडर के बिजली खरीदकर कंपनियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रही है। यह खरीद रात 12 बजे से 2 बजे और रात 8 बजे से 12 बजे के बीच प्रस्तावित है, जिससे बिजली की लागत और अधिक बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया के पीछे बड़े घोटाले की बू आ रही है, जिसकी जांच होनी चाहिए।

देवेंद्र यादव ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार ने बिजली बिलों में वृद्धि के लिए एक कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे उपभोक्ताओं पर दोहरी मार पड़ सकती है क्योंकि बिजली कंपनियां बिना प्रतिस्पर्धा के ऊंचे दामों पर बिजली खरीद रही हैं, जिससे उनका दिल्ली के ऊर्जा बाजार पर एकाधिकार स्थापित हो सकता है।

उन्होंने अरविंद केजरीवाल सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उसने वर्षों तक नए टैरिफ ऑर्डर जारी नहीं किए, जिसके चलते अब बिजली कंपनियां अपने पुराने नुकसान की भरपाई उपभोक्ताओं से करने की योजना बना रही हैं। इसका सीधा असर बिजली बिलों में वृद्धि के रूप में देखने को मिलेगा। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कांग्रेस का कहना है कि पिछली सरकार की बिजली सब्सिडी नीति भेदभावपूर्ण थी, जिससे कुछ उपभोक्ताओं को तो लाभ मिला लेकिन बाकी जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। इसका असर उद्योगों और व्यवसायों पर भी पड़ा, जिससे बेरोजगारी बढ़ी। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार से स्पष्ट जवाब देने और बिजली संकट का शीघ्र समाधान निकालने की मांग की है।


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