उप सचिव पीएमओ मंगेश घिल्डियाल ने ग्रेटर नोएडा में इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप का किया दौरा
टेन न्यूज नेटवर्क
ग्रेटर नोएडा (23 मार्च 2025): प्रधानमंत्री कार्यालय के उप सचिव मंगेश घिल्डियाल ने शनिवार को ग्रेटर नोएडा में स्थित आइआइटीजीएनएल (इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा लिमिटेड) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्मार्ट टाउनशिप की सुविधाओं का जायजा लिया, जिसमें प्लग एंड प्ले सिस्टम और आटोमेटेड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट प्रमुख आकर्षण रहे। टाउनशिप के बारे में जानकारी देते हुए आइआइटीजीएनएल की निदेशक श्रीलक्ष्मी वीएस ने इन प्रणालियों की कार्यप्रणाली और लाभों पर विस्तार से बताया।
इस स्मार्ट टाउनशिप में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जैसे कि कूड़े का पूरी तरह से आटोमेटेड निस्तारण, जिसमें पाइपलाइन द्वारा कूड़ा सीधे प्लांट तक पहुंचता है और वहां उसे प्रोसेस करके कंपोस्ट में तब्दील किया जाता है। इसके अलावा, टाउनशिप में 24 घंटे पानी की आपूर्ति, अबाधित बिजली व्यवस्था, एलईडी लाइटिंग और सीसीटीवी निगरानी जैसे सिस्टम भी उपलब्ध हैं।
दौरे के बाद, उप सचिव ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का दौरा किया, जहां उन्होंने मल्टीमोडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) और मल्टीमोडल लाजिस्टिक हब (एमएमएलएच) परियोजनाओं पर प्रस्तुतिकरण देखा। इस बैठक के दौरान उप सचिव ने इन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री कार्यालय के उप सचिव ने विशेष रूप से इन दोनों हबों की कार्यप्रणाली में गति लाने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं न केवल उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि देश के लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को भी सुदृढ़ करने में सहायक साबित होंगी।
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) के तहत ग्रेटर नोएडा में स्थापित इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप का विकास 750 एकड़ क्षेत्र में किया जा रहा है। यह टाउनशिप कई प्रमुख कंपनियों के निवेश आकर्षित कर रही है, और वर्तमान में लगभग 20 कंपनियां यहां निवेश कर चुकी हैं।
इसके अलावा, ट्रांसपोर्ट हब के निर्माण के लिए बोदाकों के पास 428 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। यहां एक रेलवे टर्मिनल के साथ-साथ अंतरराज्यीय बस अड्डा भी स्थापित किया जाएगा। इस हब के माध्यम से पूर्वी भारत जाने वाली ट्रेनों की आवाजाही में सुगमता आएगी, जिससे दिल्ली और अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर दबाव कम होगा।
आगे बढ़ते हुए, ट्रांसपोर्ट हब के क्षेत्र में नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो रूट का विस्तार भी किया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र में आवागमन को और भी आसान बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही, लाजिस्टिक हब में वेयरहाउस की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी, जिससे उद्योगों को माल की आपूर्ति में सहुलत मिलेगी। इन दोनों हबों के विकास से ग्रेटर नोएडा, नोएडा और यमुना प्राधिकरण के उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी, खासकर तब जब ये क्षेत्र मुंबई, गुजरात और अन्य स्थानों से माल की आपूर्ति की जरूरतों को पूरा करेगा।
इस बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों, जैसे कि एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, प्रेरणा सिंह और अन्य प्रमुख अधिकारी भी उपस्थित थे। उप सचिव मंगेश घिल्डियाल ने अधिकारियों को इन परियोजनाओं की गति को तेज करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक और वाणिज्यिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। स्मार्ट टाउनशिप, जिसमें अत्याधुनिक सुविधाएं और उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है, न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि यह देश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हो सकता है। ग्रेटर नोएडा के इस क्षेत्र में बनने वाले ट्रांसपोर्ट और लाजिस्टिक हब से उद्योगों के लिए आपूर्ति चैनल की प्रक्रिया और भी सुदृढ़ होगी, जो आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में सहायक होगा।।
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