नई दिल्ली (18 मार्च 2025): दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए इंद्रलोक-बुध विहार मेट्रो सेक्शन के सबसे गहरे हिस्से में सुरंग निर्माण का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस परियोजना के तहत बनाई गई यह सुरंग 27 मीटर (कुछ हिस्सों में 39 मीटर तक) गहरी है और इसे टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) की मदद से तैयार किया गया है। यह मेट्रो नेटवर्क के विकास में एक अहम कदम है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस सफलता पर बधाई देते हुए कहा, “यह उपलब्धि दिल्ली की तेज़ी से बढ़ती परिवहन व्यवस्था में एक नया अध्याय जोड़ेगी। यह परियोजना लाखों यात्रियों को सुगम और सुरक्षित यात्रा का अनुभव देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।”
कैसे हुआ इस सुरंग का निर्माण?
डीएमआरसी के अनुसार, इस सुरंग के निर्माण में 1048 सुरंग रिंग लगाए गए, जिनका आंतरिक व्यास 5.8 मीटर है। निर्माण कार्य को एडवांस्ड टनलिंग तकनीक (ईपीबीएम – अर्थ प्रेशर बैलेंस मेथड) से पूरा किया गया, जिससे आसपास की इमारतों और बुनियादी ढांचे को कोई नुकसान नहीं हुआ।
यह सुरंग एस्सेल-तुगलकाबाद मेट्रो कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो कुल 40.1 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन के तहत बनाई जा रही है। इस कॉरिडोर का लगभग 19.3 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत होगा, जिससे यात्रियों को तेज़ और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।

सुरंग निर्माण में किन तकनीकों का इस्तेमाल हुआ?
डीएमआरसी ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में भूमिगत सुरंग बनाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। लेकिन, टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग कर इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया। यह मशीन कठोर चट्टानों से लेकर मुलायम मिट्टी तक, किसी भी प्रकार की जमीन में खुदाई करने में सक्षम होती है।
इसके अलावा, निर्माण कार्य के दौरान विशेष सुरक्षा सावधानियां बरती गईं। आधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए हर गतिविधि पर नज़र रखी गई, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रत्याशित परिस्थिति से बचा जा सके।
दिल्ली मेट्रो नेटवर्क को कैसे मिलेगा फायदा?
यह सुरंग दिल्ली मेट्रो की विस्तार योजना के तहत बनाई गई है, जिससे यात्रियों को बड़े पैमाने पर फायदा मिलेगा। इस परियोजना के पूरे होने के बाद:
दिल्ली के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के बीच यात्रा का समय कम होगा।
मेट्रो नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों को अधिक आरामदायक सफर मिलेगा।
सड़क यातायात का दबाव कम होगा, जिससे पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

डीएमआरसी का अगला कदम
डीएमआरसी के अनुसार, इस कॉरिडोर के अन्य हिस्सों में भी तेजी से काम किया जा रहा है। अब तक इंद्रलोक, संत नगर और बुध विहार में प्रमुख सुरंग ब्रेकथ्रू पूरे किए जा चुके हैं। डीएमआरसी ने यह भी बताया कि पूरी परियोजना 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है और इसके बाद इस मेट्रो लाइन को यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दी बधाई
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली मेट्रो की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि यह परियोजना राजधानी को विश्वस्तरीय परिवहन सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने डीएमआरसी की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि दिल्ली की जनता के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगी।
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