हाई-टेक ग्रेटर नोएडा: 2700 कैमरों की निगरानी में रहेगा पूरा शहर! | ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण

टेन न्यूज नेटवर्क

ग्रेटर नोएडा (15 मार्च 2025): ग्रेटर नोएडा में सार्वजनिक सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन को सुधारने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने 227 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। इस योजना के तहत शहर में 2700 सर्विलांस कैमरे लगाए जाएंगे, जो सेफ सिटी और इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ISTMS) का हिस्सा होंगे। इन कैमरों की मदद से न केवल अपराधों की रोकथाम की जाएगी, बल्कि ट्रैफिक नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं के संचालन में भी सहायता मिलेगी।

नए कैमरे शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों और मुख्य मार्गों पर लगाए जाएंगे, जो अत्याधुनिक तकनीक से लैस होंगे। इनमें से कुछ कैमरे फेस डिटेक्शन की तकनीक से लैस होंगे, जिससे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करना संभव होगा। इसके अलावा, कैमरों का प्रयोग ट्रैफिक की स्थिति को मॉनिटर करने, सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं या घनत्व के आधार पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने में किया जाएगा।

ट्रैफिक और निगरानी के लिए नवीनतम तकनीकी समाधान

ग्रेटर नोएडा के विभिन्न प्रमुख जंक्शनों पर वैरिएबल मैसेज डिस्प्ले (VMD) बोर्ड लगाए जाएंगे, जो यात्रियों को ट्रैफिक की स्थिति, सड़क बंद होने, वैकल्पिक मार्गों और आपातकालीन स्थितियों के बारे में तत्काल सूचना देंगे। इसके अलावा, ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर निगरानी रखने के लिए विशेष कैमरे लगाए जाएंगे, जिनमें ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निजेशन (ANPR) और रेड लाइन वॉयलेशन डिटेक्शन (RLVD) कैमरे शामिल होंगे।

आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष व्यवस्था

सार्वजनिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स (ECB) लगाए जाएंगे, जिनसे लोग सीधे इमरजेंसी टीम से संपर्क कर सकेंगे। इसके साथ ही, भीड़भाड़ वाले इलाकों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम (PAS) भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे लोग तत्काल सूचना प्राप्त कर सकेंगे।

महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

इस परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ावा देना है। इसके तहत, ग्रेटर नोएडा में प्रमुख स्थानों पर पिंक बूथ बनाए जाएंगे, जो महिलाओं को आपातकालीन स्थिति में सहायता प्रदान करेंगे। साथ ही, सभी नौ पुलिस स्टेशनों को इस सर्विलांस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे वे शहर के विभिन्न हिस्सों में होने वाली घटनाओं की लाइव निगरानी कर सकेंगे।

कमांड सेंटर से होगी निगरानी

इस पूरे नेटवर्क की निगरानी एक इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर से की जाएगी, जो नॉलेज पार्क-4 में स्थापित किया जाएगा। यह सेंटर लाइव फुटेज की मॉनिटरिंग करेगा और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। इस सेंटर के माध्यम से, ग्रीन कारीडोर बनाने की क्षमता भी होगी, जिससे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को ट्रैफिक जाम से बचाकर तेजी से अपने गंतव्य तक पहुंचाया जा सकेगा।

नए कैमरे और स्क्रीन की व्यवस्था

प्राधिकरण ने बताया कि इस परियोजना के तहत प्रत्येक पुलिस स्टेशन में चार 40-इंच LED स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिन पर शहर के CCTV कैमरों से लाइव फीड प्राप्त होगी। इससे पुलिस अधिकारियों को ट्रैफिक और सुरक्षा संबंधी घटनाओं पर लगातार नजर रखने में मदद मिलेगी।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आरएफपी (Request for Proposal) जारी किया गया है, और इच्छुक कंपनियों को 4 अप्रैल तक आवेदन करने का समय दिया गया है। इस प्रणाली के लागू होने से ग्रेटर नोएडा में सुरक्षा की स्थिति में सुधार और ट्रैफिक नियंत्रण में अधिक दक्षता की उम्मीद है।।


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