श्रद्धांजलि विशेष: “हे शिक्षक, तुम अमर रहोगे”: राम सकल पांडेय जी की विरासत
21 जुलाई 2025 की रात जब स्वर्गीय राम सकल पांडेय जी ने अंतिम सांस ली, तो केवल एक शरीर मौन नहीं हुआ, एक विचारधारा, एक युग, एक मूल्यबोध भी कुछ पल के लिए ठहर सा गया। सोनभद्र जैसे दूरवर्ती क्षेत्र में शिक्षा का दीप जलाने वाले इस शिक्षाविद् का जाना सिर्फ एक व्यक्ति का निधन नहीं, बल्कि उस सतत् साधना का अवसान है जो उन्होंने 1965 से 2008 तक तीन पीढ़ियों को…
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