पत्रकारिता का नियमन: क्या भारत में पत्रकारों के लिए वैधानिक नियामक व्यवस्था की आवश्यकता है?
लोकतंत्र में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ माना जाता है। स्वतंत्र, निष्पक्ष और उत्तरदायी पत्रकारिता लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का आधार है। लेकिन डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के तेजी से विस्तार के साथ यह प्रश्न लगातार उठ रहा है कि क्या भारत…
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