पत्रकारिता का नियमन: क्या भारत में पत्रकारों के लिए वैधानिक नियामक व्यवस्था की आवश्यकता है?

गजानन माली, टेन न्यूज नेटवर्क

नई दिल्ली (18 जुलाई 2026): लोकतंत्र में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ माना जाता है। स्वतंत्र, निष्पक्ष और उत्तरदायी पत्रकारिता लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का आधार है। लेकिन डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के तेजी से विस्तार के साथ यह प्रश्न लगातार उठ रहा है कि क्या भारत में पत्रकारिता के लिए भी डॉक्टर, वकील और चार्टर्ड अकाउंटेंट की तरह कोई वैधानिक नियामक व्यवस्था (Regulatory Framework) होनी चाहिए?

आज डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल शिक्षा के साथ पंजीकरण अनिवार्य है। वकील बनने के लिए बार काउंसिल में नामांकन आवश्यक है, जबकि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए संसद द्वारा स्थापित ICAI पेशे का नियमन करता है। इन सभी व्यवसायों में न्यूनतम योग्यता, आचार संहिता और जवाबदेही का स्पष्ट ढांचा मौजूद है।

इसके विपरीत पत्रकारिता में ऐसी कोई एकीकृत व्यवस्था नहीं है जो यह निर्धारित करे कि कौन पेशेवर पत्रकार है। प्रिंट, टेलीविजन, रेडियो, डिजिटल मीडिया और समाचार एजेंसियों में कार्यरत पत्रकारों के लिए न तो समान शैक्षणिक योग्यता निर्धारित है और न ही कोई अनिवार्य राष्ट्रीय पंजीकरण प्रणाली। परिणामस्वरूप आज कोई भी व्यक्ति मोबाइल फोन और माइक्रोफोन के सहारे स्वयं को पत्रकार घोषित कर सकता है।

डिजिटल मीडिया ने सूचना के लोकतंत्रीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन इसके साथ फर्जी समाचार, ब्लैकमेलिंग, दुष्प्रचार और गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग जैसी चुनौतियाँ भी बढ़ी हैं। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के कुछ प्रावधान इन मामलों पर लागू होते हैं, फिर भी पत्रकारिता के पेशेगत मानकों और जवाबदेही को लेकर व्यापक कानूनी ढांचे की कमी महसूस होती है।

हालांकि, किसी भी संभावित नियामक व्यवस्था का उद्देश्य प्रेस की स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं होना चाहिए। भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र का मूल अधिकार है। इसलिए यदि भविष्य में कोई व्यवस्था बनाई जाती है तो उसका उद्देश्य केवल पेशेवर मानकों, पारदर्शिता, प्रशिक्षण, आचार संहिता और जवाबदेही को मजबूत करना होना चाहिए, न कि स्वतंत्र पत्रकारिता पर अनावश्यक नियंत्रण स्थापित करना।

तेजी से बदलते मीडिया परिदृश्य में यह विषय राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुका है। आवश्यकता इस बात की है कि सरकार, मीडिया संस्थान, पत्रकार संगठन, विधि विशेषज्ञ और नागरिक समाज मिलकर ऐसा संतुलित मॉडल विकसित करें जो एक ओर पत्रकारिता की स्वतंत्रता की रक्षा करे और दूसरी ओर समाज में विश्वसनीय, उत्तरदायी और पेशेवर पत्रकारिता को बढ़ावा दे। यही लोकतंत्र और जनविश्वास, दोनों के हित में होगा।।


प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति ,   दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।

टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.


Discover more from टेन न्यूज हिंदी

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

टिप्पणियाँ बंद हैं।