दिल्ली पुलिस की महिला हेड कांस्टेबल ने एक साल में खोजे 119 लापता बच्चे
टेन न्यूज़ नेटवर्क
New Delhi News (06 November 2026): दिल्ली पुलिस की एक महिला हेड कांस्टेबल ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और मेहनत से ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। जैतपुर थाने में तैनात हेड कांस्टेबल चंचल यादव ने महज एक साल के भीतर 119 लापता बच्चों को तलाश कर उनके परिवारों से मिलाया है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल कई परिवारों के जीवन में खुशियां लौटाई हैं, बल्कि उन्हें आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन यानी निर्धारित समय से पहले पदोन्नति पाने का हकदार भी बना दिया है।
दिल्ली पुलिस के दक्षिण-पूर्व जिले के डीसीपी उत्कर्ष के मुताबिक, चंचल यादव ने पिछले साल नवंबर से अब तक 119 लापता बच्चों का पता लगाया है। इनमें 41 बच्चे ऐसे थे, जिनकी उम्र 14 साल से कम थी। बरामद किए गए बच्चों में सबसे छोटा बच्चा करीब तीन साल का था। बच्चों की तलाश का यह अभियान केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि चंचल ने झारखंड, बिहार समेत देश के करीब 7 से 8 राज्यों में जाकर लापता बच्चों को खोजने में अहम भूमिका निभाई।
चंचल यादव ने बताया कि जैतपुर थाने में तैनाती के दौरान उन्होंने कई ऐसे परिवारों को देखा, जिनके बच्चे लापता थे। अपने बच्चों की तलाश में भटक रहे माता-पिता की बेबसी और परेशानी ने उन्हें अंदर तक प्रभावित किया। उन्होंने महसूस किया कि किसी परिवार के लिए बच्चे का लापता होना कितना बड़ा दर्द होता है। चंचल खुद भी एक मां हैं और उनकी आठ साल की बेटी है। इसी वजह से वह दूसरे माता-पिता की भावनाओं और उनकी पीड़ा को बेहतर तरीके से समझ सकीं। उन्होंने इन परिवारों को उनके बच्चों से मिलाने के लिए पूरी मेहनत और लगन से काम करने का फैसला किया।
इस अभियान में चंचल यादव को अपने वरिष्ठ अधिकारियों का भी पूरा सहयोग मिला। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय थाने के एसएचओ, वरिष्ठ अधिकारियों और दक्षिण-पूर्व जिले के डीसीपी को दिया। चंचल के मुताबिक, बच्चों की तलाश के दौरान अधिकारियों ने उन्हें लगातार मार्गदर्शन दिया और जरूरत के अनुसार तकनीकी सहायता तथा जरूरी जानकारियां उपलब्ध कराईं। इसी सहयोग से वह दिल्ली से बाहर दूसरे राज्यों में भी बच्चों की तलाश कर उन्हें सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाने में सफल रहीं।
चंचल यादव की इस उपलब्धि पर डीसीपी उत्कर्ष ने भी उनकी जमकर सराहना की है। उन्होंने चंचल को कर्तव्य के प्रति बेहद निष्ठावान बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत और काम को देखते हुए वह समय से पहले प्रमोशन की हकदार हैं। दिल्ली पुलिस के स्थायी आदेश 2024 के अनुसार, एक साल में कम से कम 80 लापता बच्चों को खोजने वाले पुलिसकर्मी आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन के पात्र हो सकते हैं। इसके लिए खोजे गए बच्चों में कम से कम 40 की उम्र 14 साल से कम होनी चाहिए। चंचल ने 119 बच्चों को खोजकर और उनमें 41 छोटे बच्चों को बरामद कर दोनों निर्धारित शर्तें पूरी कर ली हैं।
आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन का मतलब है किसी पुलिसकर्मी या कर्मचारी को उसकी सामान्य पदोन्नति प्रक्रिया और निर्धारित समय से पहले विशेष उपलब्धि के आधार पर प्रमोशन देना। आमतौर पर पदोन्नति सीनियरिटी, अनुभव और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर होती है, लेकिन असाधारण काम और उपलब्धियों के लिए यह विशेष अवसर दिया जाता है। चंचल यादव की उपलब्धि इस बात की मिसाल है कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि संकट में फंसे परिवारों को सहारा देना और बिछड़े बच्चों को उनके अपनों से मिलाना भी पुलिस सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
टिप्पणियाँ बंद हैं।