दिल्ली में 43 परियोजनाओं के जरिए यमुना सफाई को मिलेगी रफ्तार : गृह मंत्री अमित शाह
टेन न्यूज़ नेटवर्क
New Delhi News (22 October 2026): केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने गुरुवार को दिल्ली में यमुना नदी के पुनरुद्धार से जुड़ी ₹8,941 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू (Taranjit Singh Sandhu) और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में केंद्र और दिल्ली सरकार ने यमुना को प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की है। उन्होंने दावा किया कि इस योजना के तहत 40 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है और सरकार का लक्ष्य मई 2029 से पहले यमुना को स्वच्छ बनाना है। शाह ने कहा कि सरकार ऐसी दिल्ली बनाना चाहती है, जहां लोगों को स्वच्छ पेयजल मिले, गलियां साफ हों, कूड़े के पहाड़ समाप्त हों और यमुना नदी निर्मल होकर आगे बढ़े।
10 प्रमुख बिंदुओं में समझिए अमित शाह के संबोधन की बड़ी बातें
1. ₹8,941 करोड़ की लागत से 43 परियोजनाओं पर काम:
अमित शाह ने बताया कि यमुना के पुनरुद्धार के लिए आयोजित कार्यक्रम में 10 योजनाओं का लोकार्पण किया गया और 33 योजनाओं की शुरुआत की गई। इन परियोजनाओं में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का उन्नयन, नए एसटीपी का निर्माण, विकेंद्रीकृत एसटीपी और पंपिंग स्टेशन स्थापित करना तथा सीवर लाइनों को घरों से जोड़ना शामिल है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से गंदे पानी को साफ करके यमुना में छोड़ा जा सकेगा। सीवर नेटवर्क के सुधार, सीवर पुनर्वास और जल निकासी व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।
2. मई 2029 से पहले यमुना को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य:
गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों ने यमुना सफाई के लिए मिलकर समयबद्ध रोडमैप तैयार किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस योजना के तहत मई 2029 से पहले यमुना को शुद्ध करने का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने यमुना की सफाई को एक दृढ़ संकल्प के रूप में लिया है और सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।
3. पिछली सरकारों पर यमुना प्रदूषण को लेकर आरोप:
अमित शाह ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में दिल्ली के सीवर का पानी यमुना में छोड़ा जाता रहा और डेयरियों से निकलने वाला लगभग 2,000 टन गोबर प्रतिदिन नदी में पहुंचता रहा। उन्होंने हरियाणा और उत्तर प्रदेश से आने वाले प्रदूषित पानी का भी उल्लेख किया। शाह ने कहा कि अब संबंधित राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करके प्रदूषण के स्रोतों पर काम किया जा रहा है, ताकि यमुना को स्वच्छ बनाने की योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
4. दिल्ली में 2.17 करोड़ मीट्रिक टन कचरा साफ करने का दावा:
गृह मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने केंद्र की सहायता से 2.17 करोड़ मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया है और 100 एकड़ भूमि को कचरे से मुक्त कराया है। उन्होंने बताया कि ओखला और भलस्वां में कूड़े के पहाड़ों की ऊंचाई 30 से 40 मीटर तक कम हुई है, जबकि गाजीपुर में यह कमी 10 से 15 मीटर तक बताई गई है। शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य कूड़े के पहाड़ों को समाप्त करके इन स्थानों को उपयोगी और हरित क्षेत्रों में बदलना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दो साल बाद इन स्थानों पर बगीचे विकसित किए जा सकेंगे।
5. दिल्ली के हर घर को सीवर कनेक्शन देने की योजना:
अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में अगले तीन वर्षों के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत हर घर को सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराने पर काम किया जाएगा। इससे गंदे पानी की निकासी बेहतर होगी और सीवर का पानी सीधे यमुना में जाने की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य पर भी जोर दिया। शाह ने असिता ईस्ट, बांसेरा और वासुदेव घाट जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दिल्ली में नदी किनारे के क्षेत्रों के विकास और पर्यावरण सुधार की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
6. यमुना सफाई के साथ स्वच्छ और व्यवस्थित दिल्ली का लक्ष्य:
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नदी की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली के समग्र शहरी विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने स्वच्छ गलियों, बेहतर पेयजल व्यवस्था और कूड़े के पहाड़ों से मुक्त शहर की परिकल्पना रखी। शाह के मुताबिक, यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए सीवेज प्रबंधन, जल निकासी, कचरा निस्तारण और विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार यमुनोत्री से लेकर प्रयागराज के संगम तक नदी को स्वच्छ बनाने की दिशा में काम करना चाहती है।
7. वोट चोरी और ईवीएम के मुद्दे पर विपक्ष पर हमला:
अमित शाह ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के विभिन्न राज्यों में भाजपा की सरकारें बनने से विपक्ष परेशान है और इसी कारण ईवीएम तथा वोट चोरी जैसे मुद्दे उठाए जा रहे हैं। शाह ने दावा किया कि विपक्षी दल मतदाता सूची में घुसपैठियों के नामों को बचाने के लिए वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं। ये आरोप गृह मंत्री ने अपने राजनीतिक संबोधन में लगाए। उन्होंने कहा कि जनता विपक्ष की राजनीति को समझ चुकी है और चुनावी सफलता के लिए जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान करना जरूरी है।
8. चुनाव आयोग और अदालतों पर विपक्ष के रुख को लेकर निशाना:
गृह मंत्री ने कहा कि विपक्षी दल चुनाव जीतने पर चुनाव आयोग और मतदाता सूची को सही बताते हैं, जबकि हारने पर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने केरल, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। शाह ने अदालतों के फैसलों को लेकर भी विपक्ष की आलोचना की और कहा कि अपने पक्ष में फैसला आने पर अदालतों की प्रशंसा की जाती है, जबकि विपरीत फैसला आने पर सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति से जनता का जनादेश नहीं बदला जा सकता।
9. प्रदर्शन की राजनीति के बजाय जनता के बीच जाने की सलाह:
अमित शाह ने कहा कि विपक्षी दल दूसरे राज्यों से कार्यकर्ताओं को इकट्ठा करके दिल्ली में प्रदर्शन करने के माध्यम से जनता के जनादेश को चुनौती नहीं दे सकते। उन्होंने भाजपा के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से लेकर प्रधानमंत्री तक के संगठनात्मक नेटवर्क का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझते हैं। शाह ने विपक्ष से कहा कि यदि उसे चुनाव जीतना है तो लोगों के दुख-दर्द को समझकर समाधान प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने दावा किया कि नकारात्मक राजनीति से विपक्ष को राजनीतिक नुकसान होगा।
10. पंजाब की राजनीति और नशे के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र:
अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में अमित शाह ने पंजाब सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे का कारोबार बढ़ा है और दावा किया कि भाजपा राज्य में सत्ता में आने पर नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करेगी। शाह ने 2029 तक पंजाब से नशे के कारोबार को समाप्त करने का लक्ष्य भी बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में केवल आरोप लगाने और बहाने बनाने से सफलता नहीं मिलती, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करने और परिणाम देने से भरोसा हासिल होता है।
यमुना सफाई और कचरा प्रबंधन पर सरकार का फोकस
अमित शाह के संबोधन में यमुना पुनरुद्धार, सीवेज प्रबंधन, कचरा निस्तारण और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था प्रमुख मुद्दे रहे। ₹8,941 करोड़ की परियोजनाओं के माध्यम से दिल्ली में सीवेज ढांचे को मजबूत करने और नदी में प्रदूषण कम करने की योजना है। वहीं, कूड़े के पहाड़ों की ऊंचाई कम करने और खाली कराई गई भूमि के उपयोग की दिशा में किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया गया। सरकार ने मई 2029 से पहले यमुना को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य दोहराया है। इस लक्ष्य की सफलता परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, सीवेज के प्रभावी उपचार और संबंधित राज्यों के बीच समन्वय पर निर्भर करेगी।
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