दिल्ली में ई-रिक्शा के नियम होंगे सख्त, 4 से ज्यादा यात्री बैठाने पर कार्रवाई

टेन न्यूज़ नेटवर्क

New Delhi News (19 October 2026): दिल्ली में ई-रिक्शा से सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर दिल्ली सरकार नियमों को सख्त करने की तैयारी कर रही है। सरकार ने ई-रिक्शा के संचालन, यात्रियों की संख्या, वाहन की फिटनेस और बैटरी सुरक्षा से जुड़े कई प्रावधानों वाला मसौदा तैयार किया है। प्रस्तावित नियमों के तहत एक ई-रिक्शा में चालक के अलावा अधिकतम चार यात्री ही सफर कर सकेंगे। किसी भी यात्री को चालक की सीट पर बैठने या खड़े होकर यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। सरकार का उद्देश्य ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने और असुरक्षित तरीके से वाहन चलाने पर रोक लगाना है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी से 15 सितंबर 2025 के बीच ई-रिक्शा में चालक की सीट पर यात्री बैठाने के 10,499 मामले दर्ज किए गए। यह संख्या पूरे साल 2024 में दर्ज किए गए 4,503 मामलों के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है। वहीं, 1 जनवरी से 15 सितंबर 2025 के बीच ई-रिक्शा से जुड़े 108 सड़क हादसे सामने आए, जिनमें 24 लोगों की मौत हुई और 100 लोग घायल हुए। इन आंकड़ों के बीच सरकार का प्रस्ताव ई-रिक्शा में ओवरलोडिंग, यातायात नियमों के उल्लंघन और सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर अंकुश लगाने की कोशिश है।

मसौदे के अनुसार, ई-रिक्शा की अधिकतम गति 25 किलोमीटर प्रति घंटा और मोटर की क्षमता 2,000 वाट तक सीमित होगी। वाहन में अधिकतम 40 किलोग्राम सामान ले जाने की अनुमति होगी। चालक नशे की हालत में ई-रिक्शा नहीं चला सकेंगे और वाहन में विस्फोटक, ज्वलनशील पदार्थ या खतरनाक रसायन ले जाना प्रतिबंधित होगा। ड्यूटी के दौरान संगीत या अन्य ऑडियो चलाने पर भी रोक होगी, यदि उससे चालक या यात्रियों का ध्यान भटकता है या उन्हें परेशानी होती है। इसके अलावा, चालकों को यात्रियों के साथ उचित व्यवहार करना होगा और बुजुर्गों तथा दिव्यांग व्यक्तियों को वाहन में चढ़ने और उतरने में सहायता देनी होगी। महिला यात्री के साथ छेड़छाड़ या अभद्र व्यवहार की स्थिति में पुलिस को तुरंत सूचना देने और महिला को नजदीकी पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट या पीसीआर वैन तक पहुंचाने का प्रावधान भी प्रस्तावित है।

प्रस्तावित नियमों में ई-रिक्शा की फिटनेस और सुरक्षा उपकरणों पर भी जोर दिया गया है। वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स और परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित अग्निशमन उपकरण रखना जरूरी होगा। बुल बार या फ्रंटल क्रैश गार्ड लगे वाहनों और असुरक्षित या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं होने वाली बैटरी का इस्तेमाल करने वाले ई-रिक्शा को खामी दूर होने तक जब्त किया जा सकता है। पंजीकृत वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) और पीछे पीली रिफ्लेक्टिव पट्टी लगाना अनिवार्य होगा। वाहन के बाईं ओर मालिक का नाम, पता और फोन नंबर भी लिखा होना चाहिए। इसके अलावा, ई-रिक्शा को पैदल यात्रियों या यातायात में बाधा डालते हुए खड़ा नहीं किया जा सकेगा और प्रतिबंधित सड़कों पर उनका संचालन भी नहीं होगा। इस्तेमाल की गई बैटरियों को अधिकृत रिसाइक्लर के पास भेजना होगा।

मसौदे का एक प्रमुख प्रावधान डिजिटल ई-रिक्शा कंप्लायंस सर्टिफिकेट (ECC) जारी करना है। प्रस्ताव के अनुसार, प्रत्येक ई-रिक्शा के लिए दो साल की वैधता वाला यह प्रमाणपत्र जरूरी होगा, जिसे एक वाहन और सार्वजनिक सेवा वाहन (PSV) बैज रखने वाले एक लाइसेंसधारी चालक से जोड़ा जाएगा। वाहन की फिटनेस, बीमा और बैटरी संबंधी मानकों की जांच के बाद प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। पहले से पंजीकृत ई-रिक्शा मालिकों को योजना की अधिसूचना जारी होने के बाद प्रमाणपत्र लेने के लिए 90 दिन का समय मिलेगा, जिसे अधिकारी जरूरत पड़ने पर बढ़ा सकते हैं। तय समय के बाद बिना ECC के चलने वाले वाहन जब्त किए जा सकते हैं। जब्ती के 15 दिन के भीतर प्रमाणपत्र नहीं मिलने पर वाहन के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। वहीं, अपंजीकृत ई-रिक्शा को तत्काल जब्त करने और मसौदे के तहत उन्हें छोड़ने का प्रावधान नहीं रखने की बात कही गई है। ऐसे वाहनों को कुचलने और नीलाम करने का प्रस्ताव है।

दिल्ली सरकार के मसौदे में राजधानी में ई-रिक्शा की कुल संख्या 2.5 लाख तक सीमित करने का भी प्रस्ताव है। इसके तहत एक व्यक्ति अधिकतम पांच ई-रिक्शा का मालिक हो सकेगा, जबकि पात्र संस्थाओं को अधिकतम 100 वाहन रखने की अनुमति देने की बात कही गई है। 25 या उससे अधिक ई-रिक्शा संचालित करने वाली संस्थाओं के लिए एग्रीगेटर लाइसेंस लेना भी जरूरी होगा। दिल्ली परिवहन विभाग ने मसौदे के प्रकाशन के 30 दिनों के भीतर आम लोगों और संबंधित पक्षों से सुझाव तथा आपत्तियां मांगी हैं। फिलहाल ये नियम प्रस्तावित हैं और आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बाद ही लागू होंगे। यदि योजना को इसी रूप में लागू किया जाता है, तो ई-रिक्शा चालकों और मालिकों को नए सुरक्षा मानकों तथा प्रमाणपत्र संबंधी शर्तों का पालन करना होगा, जबकि यात्रियों को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित सफर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।


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