New Delhi News (19 October 2026): दिवाली से पहले ही दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। राजधानी की हवा में प्रदूषक कणों की मौजूदगी बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वायु गुणवत्ता के पूर्वानुमान के अनुसार, सोमवार से दिल्ली की हवा समग्र रूप से खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 187 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। हालांकि, शहर के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 200 के पार पहुंच गया, जिससे खराब हवा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों के दौरान वायु गुणवत्ता में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को औसत AQI 90 था, जो रविवार तक बढ़कर 187 हो गया। इस तरह महज तीन दिनों में सूचकांक दोगुने से अधिक स्तर पर पहुंच गया। शनिवार को AQI 159 दर्ज किया गया था, जबकि रविवार को इसमें 28 अंकों की और बढ़ोतरी हुई। आंकड़े बताते हैं कि राजधानी में प्रदूषण का स्तर लगातार ऊपर जा रहा है। रविवार शाम छह बजे तक दिल्ली के 58 निगरानी केंद्रों में से 23 केंद्रों पर AQI 200 से अधिक दर्ज किया गया। इन केंद्रों में घनी आबादी और अधिक यातायात वाले इलाके भी शामिल रहे।
प्रदूषण बढ़ने के पीछे मौसम में बदलाव को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। बारिश की गतिविधियां थमने और हवा की रफ्तार कम होने से प्रदूषक कण वातावरण में अधिक समय तक बने रह सकते हैं। फिलहाल ऐसी कोई प्रभावी मौसमी स्थिति नहीं दिख रही है, जिससे हवा में मौजूद प्रदूषक तेजी से साफ हो सकें। ऐसे में आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता पर दबाव बने रहने की आशंका है। यदि प्रदूषण बढ़ने का यह सिलसिला जारी रहता है, तो दिल्लीवासियों को खराब हवा के बीच रहना पड़ सकता है। खासकर सुबह और शाम के समय बाहर निकलने वाले लोगों को वायु गुणवत्ता पर नजर रखने की जरूरत होगी।
राजधानी के आईटीओ इलाके में रविवार को वायु प्रदूषण का असामान्य रूप से ऊंचा स्तर दर्ज किया गया। शाम करीब छह बजे यहां AQI 430 तक पहुंच गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। हालांकि, दिल्ली के किसी अन्य निगरानी केंद्र पर उस समय इसके आसपास का स्तर दर्ज नहीं हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, इस असामान्य आंकड़े के पीछे किसी तकनीकी गड़बड़ी या स्थानीय कारण की संभावना से इनकार नहीं किया गया। दूसरी ओर, पराली जलाने की घटनाएं भी प्रदूषण को लेकर चिंता बढ़ा रही हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के आंकड़ों के मुताबिक, 15 सितंबर से 18 अक्टूबर के बीच देश में पराली जलाने की 1,073 घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें मध्य प्रदेश में सबसे अधिक 366 घटनाएं सामने आईं।
दिवाली नजदीक आने के साथ दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति पर निगरानी और भी महत्वपूर्ण हो गई है। आने वाले दिनों में हवा की गति, मौसम की परिस्थितियों और प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों का असर राजधानी की वायु गुणवत्ता पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण के स्तर को समझने के लिए केवल औसत AQI ही नहीं, बल्कि अलग-अलग इलाकों के निगरानी आंकड़ों पर भी ध्यान देना जरूरी है। लोगों को बाहर निकलने से पहले स्थानीय वायु गुणवत्ता की जानकारी लेने, अधिक प्रदूषण वाले समय में अनावश्यक बाहरी गतिविधियों से बचने और सांस संबंधी परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने जैसे एहतियाती कदम अपनाने चाहिए। फिलहाल दिल्ली की हवा में लगातार हो रही गिरावट ने सर्दियों से पहले ही प्रदूषण की चुनौती को फिर से चर्चा में ला दिया है।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
टिप्पणियाँ बंद हैं।