दिल्ली की 4 लाख इमारतों के सर्वे में 21 हजार में मिली गड़बड़ी, आगे क्या करेगी MCD?
टेन न्यूज़ नेटवर्क
New Delhi News (14 October 2026): दिल्ली में रिहायशी इमारतों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नगर निगम दिल्ली (MCD) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राजधानी में करीब 4 लाख संपत्तियों का सर्वे किया है। इस सर्वे में लगभग 21 हजार ऐसी रिहायशी इमारतों की पहचान की गई है, जिनका इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे की गई संपत्तियों में करीब 5 प्रतिशत इमारतें निर्धारित नियमों का उल्लंघन करती पाई गई हैं। अब नगर निगम इन संपत्तियों के मालिकों को नोटिस जारी करने और चरणबद्ध तरीके से सीलिंग की कार्रवाई शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
सर्वे के दौरान कई तरह के व्यावसायिक प्रतिष्ठान सामने आए हैं, जिनमें कोचिंग सेंटर, रेस्टोरेंट, किराना दुकानें, मिठाई की दुकानें और अन्य कारोबारी संस्थान शामिल हैं। ये प्रतिष्ठान ऐसी इमारतों में संचालित हो रहे हैं, जिनका मूल उपयोग आवासीय है। एमसीडी के अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई एक साथ पूरे शहर में करने के बजाय अलग-अलग जोन के आधार पर की जाएगी। संबंधित क्षेत्रों के भवन विभाग के अधिकारी नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों की जांच करेंगे और उसके बाद नोटिस तथा सीलिंग जैसी कार्रवाई की जाएगी।
यह पूरी कवायद मार्च 2026 में सुप्रीम कोर्ट के दिए गए आदेश के बाद शुरू हुई है। शीर्ष अदालत ने लोगनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य एवं अन्य मामले में देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की राजधानियों में रिहायशी संपत्तियों के अवैध व्यावसायिक इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। यह मामला मूल रूप से चेन्नई में एक अनधिकृत निर्माण से जुड़ा था, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इसका दायरा बढ़ाते हुए देशभर में ऐसी संपत्तियों की समीक्षा करने को कहा। इसी निर्देश के तहत दिल्ली में एमसीडी ने सर्वे कर कार्रवाई की योजना तैयार की है।
हालांकि, सर्वे में सामने आई सभी 21 हजार संपत्तियों पर एक जैसी कार्रवाई नहीं होगी। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 7 हजार संपत्ति मालिकों ने दावा किया है कि उन्होंने व्यावसायिक उपयोग के लिए जरूरी कन्वर्जन प्रक्रिया पूरी कर ली है। वहीं, लगभग 6 हजार संपत्तियां ऐसी सड़कों पर स्थित हैं, जिन्हें मिश्रित भूमि उपयोग यानी मिक्स्ड लैंड यूज के लिए अधिसूचित किया गया है। इन सड़कों पर निर्धारित शर्तों के तहत व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति मिल सकती है। जिन संपत्तियों के मालिकों ने जरूरी अनुमति नहीं ली है या कन्वर्जन शुल्क जमा नहीं किया है, उन्हें नोटिस जारी किया जा सकता है और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई हो सकती है।
एमसीडी के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में कुल करीब 1,821 सड़कें हैं, जिनमें से 987 सड़कों को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अधिसूचित किया गया है, जबकि 834 सड़कें मिक्स्ड लैंड यूज की श्रेणी में आती हैं। इन मिश्रित उपयोग वाली सड़कों पर निर्धारित नियमों के तहत भूतल पर दुकानें और ऊपरी मंजिलों पर आवासीय इस्तेमाल की अनुमति हो सकती है। दिल्ली के मास्टर प्लान के अनुसार, ऐसी संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग के लिए संबंधित शर्तों और कन्वर्जन शुल्क का पालन जरूरी है। ऐसे में आने वाले दिनों में राजधानी के कारोबारियों और संपत्ति मालिकों को अपने दस्तावेजों, अनुमतियों और शुल्क की स्थिति की जांच करनी पड़ सकती है। एमसीडी की प्रस्तावित कार्रवाई से रिहायशी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की वैधता पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
टिप्पणियाँ बंद हैं।