नकली सोना गिरवी रखकर 18 लोगों ने फेडरल बैंक से लिया ₹1.46 करोड़ का लोन

टेन न्यूज नेटवर्क

Ghaziabad News (23/09/2026): गाजियाबाद के कविनगर थाना क्षेत्र स्थित आरडीएसी इलाके में फेडरल बैंक की शाखा में गोल्ड लोन के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि 18 लोगों ने नकली सोने के आभूषणों को बैंक में गिरवी रखकर करीब 1 करोड़ 46 लाख रुपये का ऋण प्राप्त कर लिया। बैंक की आंतरिक जांच में गिरवी रखे गए आभूषणों की वास्तविकता पर सवाल उठने के बाद मामले का खुलासा हुआ।

बैंक की शाखा प्रबंधक शाजिया बानो की शिकायत पर कविनगर थाने में 18 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली आभूषणों को असली बताकर गोल्ड लोन स्वीकृत कराने की पूरी प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका थी।

गोल्ड की जांच करने वाली फर्म भी जांच के दायरे में

पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि बैंक में जमा किए गए सोने की जांच एक बाहरी फर्म से कराई गई थी। फोबोस गोल्ड से जुड़े दीपक डल्ला पर आरोप है कि उन्होंने ग्राहकों द्वारा लाए गए आभूषणों का परीक्षण किया और उन्हें वास्तविक बताते हुए प्रमाण पत्र जारी किए।

बैंक की शिकायत के अनुसार, इन्हीं प्रमाण पत्रों के आधार पर संबंधित आभूषणों को गोल्ड लोन के लिए स्वीकार किया गया। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि जांच के दौरान किस स्तर पर लापरवाही या कथित गड़बड़ी हुई और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।

ग्राहकों को बैंक से जोड़ने वालों की भूमिका भी सामने आई

मामले में रूपीक फिटनेस से जुड़े अधिकारियों की भूमिका भी पुलिस की जांच का हिस्सा है। शिकायत में कंपनी के अधिकारी हर्ष कुमार और अनुराग सिंह के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि उन्होंने कुछ लोगों को बैंक से जोड़ने और उनकी लोन फाइल तैयार कराने में मदद की।

पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि इन लोगों और गोल्ड लोन लेने वाले कथित ग्राहकों के बीच क्या संबंध था और बैंक की ऋण प्रक्रिया में उनकी वास्तविक भूमिका कितनी थी।

10 जून की रैंडम चेकिंग से सामने आया मामला

बताया गया है कि 10 जून 2026 को बैंक में सोने के आभूषणों से जुड़े एक गोल्ड लोन मामले की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान बैंक स्तर पर की गई रैंडम जांच में कुछ आभूषणों के नकली होने का पता चला।

इसके बाद बैंक अधिकारियों ने संबंधित खातों और पहले से गिरवी रखे गए सोने की दोबारा जांच शुरू की। जिन लोगों के आभूषण जांच के घेरे में आए, उन्हें बैंक की ओर से संपर्क कर बुलाने का प्रयास किया गया, लेकिन कथित तौर पर वे बैंक नहीं पहुंचे।

इसके बाद बैंक ने गोल्ड लोन खातों का विस्तृत ऑडिट कराया। जांच के दौरान कई खातों में जमा आभूषण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।

18 नाम FIR में शामिल

बैंक की शिकायत के आधार पर कविनगर पुलिस ने कुल 18 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। FIR में गाजियाबाद के दिल्ली गेट निवासी दीपांशु बंसल, मयूर बंसल, शहजाद खान, अलीबिन हुसैन, विकास, अश्वनी, मुकुल, कविता, अंकुर, साहिल सिंह, धर्मवीर, दीपक डल्ला, अनुराग, कैफ नोमान, रूपीक फिटनेस के रीजनल मैनेजर हर्ष, वसीम अब्बास समेत अन्य लोगों के नाम बताए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों की भूमिका एक जैसी है या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।

बैंक को हुए नुकसान और दस्तावेजों की जांच

डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के अनुसार, मामले में बैंक से जुड़े कर्मचारियों, गोल्ड की वैल्यूएशन करने वाली फर्म और ग्राहकों को बैंक तक पहुंचाने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस अब गोल्ड लोन की फाइलों, वैल्यूएशन रिपोर्ट, जारी किए गए प्रमाण पत्र, बैंक रिकॉर्ड और आरोपियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि 1.46 करोड़ रुपये के ऋण को स्वीकृत कराने के दौरान बैंक की निर्धारित प्रक्रिया का किस तरह पालन किया गया।फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क और कथित फर्जीवाड़े की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच के आधार पर आगे और नाम सामने आने तथा आरोपियों की भूमिका स्पष्ट होने की संभावना है।


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