असम में बाढ़ का कहर: 21 और मौतें, 16 जिलों के 5.64 लाख लोग प्रभावित

टेन न्यूज़ नेटवर्क

Assam News (21 June 2026): असम में बाढ़ की स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है। असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (ASDMA) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बाढ़ से 21 लोगों की मौत हुई है, जिसके बाद आपदा में जान गंवाने वालों की कुल संख्या 31 पहुंच गई है। राज्य के 16 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जहां 5.64 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के कारण 24,210 हेक्टेयर से ज्यादा फसल जलमग्न हो गई है और 872 गांवों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

सबसे अधिक असर शिवसागर जिले में देखने को मिला है, जहां करीब 3.59 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके अलावा जोरहाट, चराईदेव, डिब्रूगढ़ और गोलाघाट जिलों में भी हजारों परिवार मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज करते हुए 273 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र शुरू किए हैं, जहां 1.14 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ऊपरी इलाकों में बादल फटने के कारण आई बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और सरकार राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी कर रही है। मुख्यमंत्री चराईदेव, नाजिरा, शिवसागर, सोनारी, जोरहाट और टीओक के बाढ़ प्रभावित इलाकों तथा राहत शिविरों का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य सुरक्षा बलों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी एजेंसियां लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी हैं।

इस बीच एनडीआरएफ ने जोरहाट जिले के टीओक क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान एक बच्ची, एक व्यक्ति और तीन महिलाओं समेत पांच लोगों को सुरक्षित बचाया। लंबे समय तक ठंडे पानी में फंसी रहने से एक बुजुर्ग महिला हाइपोथर्मिया की शिकार हो गई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया। वहीं, प्रभावित जिलों में संचार व्यवस्था बनाए रखने के लिए दूरसंचार विभाग ने 24 जुलाई तक इंट्रा-सर्किल रोमिंग (ICR) सुविधा लागू कर दी है, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी तरह की बाधा न आए।

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