राम मंदिर चढ़ावा विवाद: स्वामी चक्रपाणि ने जताई कड़ी नाराजगी, कहा- ‘आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’।

टेन न्यूज नेटवर्क

National News (06/07/2026): अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले को लेकर हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना को बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि देश के सबसे बड़े आस्था केंद्रों में इस तरह के आरोप श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाले हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था, विश्वास और सनातन संस्कृति का प्रतीक है। ऐसे में मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी किसी भी प्रकार की अनियमितता या कथित चोरी का मामला अत्यंत संवेदनशील है और इसकी सच्चाई सामने आना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि इस विवाद के सामने आने के बाद देश और विदेश में रहने वाले रामभक्तों के बीच चिंता और निराशा का माहौल है। उनके मुताबिक, इस तरह की घटनाएं सनातन धर्म की छवि को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ विरोधियों को भी सवाल उठाने का अवसर देती हैं। इसलिए पूरे मामले में पारदर्शिता बरतना और तथ्यों को सार्वजनिक करना बेहद जरूरी है।

स्वामी चक्रपाणि ने मंदिर में चढ़ावे के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन प्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कहीं भी लापरवाही या अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों से पूरे मामले की गहराई से जांच कर वास्तविक दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि आस्था से जुड़े संस्थानों में जवाबदेही और पारदर्शिता बनाए रखना समय की आवश्यकता है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास हमेशा कायम रहे।
अपने बयान के अंत में स्वामी चक्रपाणि ने कहा, कानून से कोई व्यक्ति कुछ समय के लिए बच सकता है, लेकिन ईश्वर के न्याय से कोई नहीं बच सकता। जो भी इस मामले में दोषी होगा, उसे अपने कर्मों का फल अवश्य मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच एजेंसियां निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करेंगी और सच्चाई जल्द ही देश के सामने आएगी।


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