11 जून 2026 की शिक्षा क्षेत्र की सबसे बड़ी 10 खबरें कौन सी रही
टेन न्यूज नेटवर्क
India News (11/06/2026) 1. पेपर लीक और परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ ‘देशव्यापी छात्र आंदोलन’ शुरू देश में हाल ही में हुई कुछ प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के मामलों को लेकर आज से देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) नामक युवा संगठन ने पुणे के सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय (SPPU) से शांतिपूर्ण आंदोलन की शुरुआत की। इस आंदोलन में पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए हैं। छात्रों द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही है।
2. प्रदर्शनकारी छात्रों ने जारी किया ‘शिक्षा मैनिफेस्टो’
आंदोलन कर रहे युवा संगठनों ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक ‘शिक्षा घोषणापत्र’ (Education Manifesto) जारी किया। इस मैनिफेस्टो में सरकार के सामने कुछ प्रमुख मांगें रखी गई हैं, जिनमें—प्रश्न पत्रों की लीक रोकना, परीक्षा परिणामों को समय पर घोषित करना, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं (जैसे NTA) की जवाबदेही तय करना शामिल है।
3. ‘ब्रेन ड्रेन’ रोकने के लिए केंद्र सरकार की ‘PMRC योजना’ (Prime Minister Research Chair) शुरू
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (उच्च शिक्षा विभाग) ने विदेशों में बसे भारतीय मूल के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को वापस देश लाने के लिए ‘प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर (PMRC) योजना 2026’ के तहत आवेदन खोल दिए हैं। इस फ्लैगशिप योजना का उद्देश्य अगले 5 सालों में 120 ग्लोबल रिसर्चर्स को देश के टॉप संस्थानों से जोड़ना है, जिसके लिए ₹15 लाख से ₹60 लाख सालाना फेलोशिप और ₹5 करोड़ तक के रिसर्च ग्रांट दिए जा रहे हैं।
4. IIT दिल्ली और IIT बॉम्बे सहित 7 संस्थान बने PMRC के लीड सेंटर इस महत्वाकांक्षी PMRC योजना को जमीन पर उतारने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने देश के 7 शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों को लीड होस्ट (Lead Institutions) बनाया है। इनमें IIT दिल्ली, IIT बॉम्बे, IIT मद्रास, IIT कानपुर, IIT हैदराबाद, IIT (ISM) धनबाद और IISc बेंगलुरु शामिल हैं। ये संस्थान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर्स और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे 13 प्राथमिक सेक्टर्स पर रिसर्च लीड करेंगे।
5. नीति आयोग की बैठक में शिक्षा फंड का मुद्दा गूंजा
आज दिल्ली में हुई नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने शिक्षा बजट को लेकर अपनी बात रखी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन (विजय) ने केंद्र सरकार से मांग की कि राज्य के शिक्षा क्षेत्र के लिए रुके हुए ₹3,284 करोड़ के फंड को तुरंत जारी किया जाए, ताकि राज्य की स्कूली और उच्च शिक्षा योजनाओं को गति मिल सके।
6. राहुल गांधी का सरकार पर हमला—”युवा पेपर लीक की समस्या से त्रस्त” कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज एक बार फिर बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने अपने बयान में कहा कि देश के युवा इस समय दो सबसे बड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं—पहली ‘भयानक बेरोजगारी’ और दूसरी ‘लगातार होते पेपर लीक’। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
7. ‘InnoVent-27’ प्रतियोगिता के लिए आवेदन प्रक्रिया तेज इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए एक बड़ी अपडेट है। देश के थर्ड और फोर्थ ईयर के B.E. या B.Tech छात्रों के लिए तकनीकी नवाचार (Innovation) से जुड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता ‘InnoVent-27’ के लिए रजिस्ट्रेशन की रफ्तार तेज हो गई है। इसकी अंतिम तिथि 5 जुलाई 2026 तय की गई है। विजेता छात्रों को भारी-भरकम नकद पुरस्कार और इनक्यूबेशन सपोर्ट मिलेगा।
8. SAP लर्निंग हब-स्टूडेंट एडिशन को लेकर कॉलेजों में उत्साह भारतीय तकनीकी और प्रबंधन संस्थानों (Management Colleges) में छात्रों की ग्लोबल स्किल्स बढ़ाने के लिए ‘SAP लर्निंग हब – स्टूडेंट एडिशन’ को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की होड़ देखी जा रही है। आज कई विश्वविद्यालयों ने नए शैक्षणिक सत्र (2026-27) से इसे लागू करने के लिए एमओयू (MoU) साइन किए हैं ताकि छात्रों को क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा एनालिटिक्स की लाइव ट्रेनिंग मिल सके।
9. ‘स्पेस फॉर गुड इंडिया चैलेंज’ की घोषणा द हिंदू की शिक्षा रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूली और कॉलेज स्तर के छात्रों में अंतरिक्ष विज्ञान (Space Science) के प्रति रुचि जगाने के लिए ‘स्पेस फॉर गुड इंडिया चैलेंज’ (Space for Good India Challenge) की शुरुआत की गई है। इसके जरिए छात्र सैटेलाइट डेटा का उपयोग करके पृथ्वी की पर्यावरणीय समस्याओं को हल करने के आइडियाज सबमिट कर सकेंगे।
10. शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण (Internationalisation) पर नीति आयोग की चिंता
नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट के हवाले से आज शैक्षणिक गलियारों में यह चर्चा तेज रही कि भारत में विदेशी छात्रों को आकर्षित करने की रफ्तार बेहद धीमी है। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि भारत में पढ़ने आने वाले हर 1 विदेशी छात्र के मुकाबले 25 भारतीय छात्र उच्च शिक्षा के लिए विदेश जा रहे हैं। इस असंतुलन को सुधारने के लिए विश्वविद्यालयों को इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल रैंकिंग सुधारने की सलाह दी गई है।
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