New Delhi News (3 जून 2026): केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ताओं को प्रभावित करने वाले ‘डार्क पैटर्न’ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फिजिक्सवाला लिमिटेड (PhysicsWallah Limited) पर 5 लाख रुपये और मैकफी सॉफ्टवेयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (McAfee Software Private Limited) पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही दोनों कंपनियों को ऐसी सभी प्रथाएं तत्काल बंद करने का निर्देश दिया गया है, जो उपभोक्ताओं की स्वतंत्र और सूचित सहमति को कमजोर करती हैं।
मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा की अध्यक्षता में सीसीपीए ने यह कार्रवाई उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019, उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 तथा डार्क पैटर्न रोकथाम एवं विनियमन दिशानिर्देश, 2023 के तहत की है।
फिजिक्सवाला पर क्यों हुई कार्रवाई?
सीसीपीए ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पाया कि फिजिक्सवाला के प्लेटफॉर्म पर कुछ इंटरफेस डिज़ाइन उपभोक्ताओं के निर्णयों को प्रभावित कर रहे थे।
जांच में सामने आया कि चेकआउट के दौरान पीडब्ल्यू फाउंडेशन को 10 रुपये का दान पहले से चयनित रहता था और यह राशि स्वतः कुल भुगतान में जुड़ जाती थी। इसके अलावा, दान को बनाए रखने के लिए बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और विवाह से जुड़े भावनात्मक संदेश दिखाए जाते थे।
प्राधिकरण ने यह भी पाया कि “फ्री” बताए गए कई कोर्स तक पहुंचने के लिए उपयोगकर्ताओं को मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी व्यक्तिगत जानकारी देना अनिवार्य था। जांच में यह भी सामने आया कि सामग्री सभी खातों में समान थी, जिससे डेटा संग्रह की अनिवार्यता पर सवाल खड़े हुए।
सीसीपीए ने जिन डार्क पैटर्न की पहचान की
•बास्केट स्नीकिंग: बिना स्पष्ट सहमति के दान राशि जोड़ना।
•कन्फर्मशेमिंग (Confirmation Shaming): भावनात्मक संदेशों के जरिए दान हटाने से हतोत्साहित करना।
•फोर्स्ड एक्शन: मुफ्त कोर्स के लिए व्यक्तिगत जानकारी साझा करने को बाध्य करना।
सीसीपीए ने कहा कि पूर्व-चयनित विकल्पों के आधार पर उपभोक्ता की सहमति नहीं मानी जा सकती। सहमति हमेशा स्पष्ट और सकारात्मक कार्रवाई के जरिए प्राप्त की जानी चाहिए। विशेष रूप से छात्रों और नाबालिगों की बड़ी संख्या को देखते हुए यह मामला गंभीर उपभोक्ता संरक्षण चिंता का विषय पाया गया।
मैकफी का रिन्यूअल इंटरफेस भी भ्रामक
सीसीपीए ने मैकफी की सब्सक्रिप्शन रिन्यूअल प्रक्रिया की जांच में पाया कि उपभोक्ताओं को निष्पक्ष विकल्प उपलब्ध नहीं कराए जा रहे थे।
उपयोगकर्ताओं के सामने प्रमुख रूप से “Renew Now” और “Accept Risk” जैसे विकल्प दिखाए जाते थे। प्राधिकरण के अनुसार, “Accept Risk” शब्दावली यह संकेत देती है कि यदि उपभोक्ता सदस्यता का नवीनीकरण नहीं करेंगे तो वे साइबर खतरों के प्रति असुरक्षित हो जाएंगे।
सीसीपीए ने माना कि इस प्रकार का इंटरफेस उपभोक्ताओं पर सदस्यता जारी रखने का दबाव बनाता है और उनकी स्वतंत्र पसंद को प्रभावित करता है।
मैकफी में पहचाने गए डार्क पैटर्न
•कन्फर्मशेमिंग
•इंटरफेस इंटरफेरेंस
•ट्रिकी क्वेश्चन
•फोर्स्ड एक्शन
प्राधिकरण ने कहा कि उपभोक्ताओं को डर, दबाव या भ्रामक डिज़ाइन के बिना स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का अधिकार है।
डार्क पैटर्न पर सीसीपीए की लगातार कार्रवाई
सीसीपीए ने 30 नवंबर 2023 को डार्क पैटर्न रोकथाम एवं विनियमन दिशानिर्देश अधिसूचित किए थे, जिनमें 13 प्रकार के डार्क पैटर्न को अनुचित व्यापार प्रथा माना गया है। इनमें बास्केट स्नीकिंग, कन्फर्मशेमिंग, फोर्स्ड एक्शन, इंटरफेस इंटरफेरेंस और ट्रिकी क्वेश्चन जैसे तरीके शामिल हैं।
इसके अलावा 5 जून 2025 को जारी एडवाइजरी में सभी ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म से अपने इंटरफेस का स्व-ऑडिट करने और डार्क पैटर्न हटाने को कहा गया था। सीसीपीए ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता की सहमति हमेशा स्पष्ट, सूचित और किसी भी प्रकार की भ्रामक डिज़ाइन प्रथाओं से मुक्त होनी चाहिए। यह कार्रवाई डिजिटल बाजार को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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