New Delhi News (20 May 2026): देशभर में आज दवा विक्रेताओं और मेडिकल स्टोर संचालकों की देशव्यापी हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) के नेतृत्व में बुलाई गई इस हड़ताल में 12 लाख से अधिक निजी मेडिकल स्टोर बंद रहने की संभावना जताई गई है। दवा कारोबारियों का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बिना पर्याप्त निगरानी के दवाओं की बिक्री तेजी से बढ़ रही है, जिससे पारंपरिक मेडिकल स्टोर कारोबार पर बड़ा असर पड़ रहा है। इस हड़ताल के चलते कई शहरों में दवाओं की सप्लाई प्रभावित होने और मरीजों को परेशानी का सामना करने की आशंका जताई जा रही है।
दवा विक्रेताओं ने आरोप लगाया है कि कई ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म बिना सख्त नियमों और पर्याप्त जांच के दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन की सही तरीके से जांच नहीं की जाती और कई बार बिना वैध पर्चे के भी दवाएं उपलब्ध करा दी जाती हैं। केमिस्ट संगठनों का दावा है कि इससे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। उनका कहना है कि दवाओं के स्टोरेज, गुणवत्ता और डिलीवरी से जुड़े मानकों का पालन नहीं होने से नकली या खराब दवाओं के बाजार में पहुंचने का खतरा बढ़ गया है।
हड़ताल का समर्थन कर रहे फार्मासिस्टों ने चेतावनी दी है कि ऑनलाइन दवाइयों की अनियंत्रित बिक्री से नशीली दवाओं और शेड्यूल-एच श्रेणी की दवाओं का गलत इस्तेमाल बढ़ सकता है। इन दवाओं को सामान्य तौर पर डॉक्टर के वैध पर्चे के बिना नहीं बेचा जा सकता, लेकिन ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म पर इनकी उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। दवा विक्रेताओं का कहना है कि बिना पर्याप्त निगरानी के ऐसी दवाओं की बिक्री समाज के लिए खतरनाक साबित हो सकती है और इससे युवाओं में नशे की समस्या भी बढ़ने की आशंका है।
फार्मेसी पेशेवरों का कहना है कि पारंपरिक मेडिकल स्टोर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत तय सख्त नियमों का पालन करते हैं। मेडिकल स्टोर संचालक मरीजों के प्रिस्क्रिप्शन की जांच करने के बाद ही दवाएं उपलब्ध कराते हैं और दवाओं को तय तापमान एवं सुरक्षा मानकों के तहत स्टोर किया जाता है। इसके विपरीत, ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म पर इन नियमों के पालन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। बिहार केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार की फार्मेसी के लिए समान नियम लागू किए जाने चाहिए ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
बिहार केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रसन्ना कुमार सिंह ने कहा कि कई जीवनरक्षक दवाओं को तापमान नियंत्रित वातावरण यानी कोल्ड चेन में रखने की आवश्यकता होती है। उनका कहना है कि कूरियर या सामान्य डिलीवरी के माध्यम से भेजी जाने वाली दवाओं में इन मानकों का पालन नहीं हो पाता, जिससे दवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दवाओं को सही तापमान पर नहीं रखा गया तो कई दवाएं मरीजों के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकती हैं।
देशव्यापी हड़ताल के बीच राहत की बात यह है कि प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) के तहत संचालित जनऔषधि केंद्र खुले रहेंगे। पीएमबीजेपी रिटेलर एसोसिएशन ने साफ किया है कि मरीजों को दवाओं की कमी न हो, इसके लिए जनऔषधि केंद्रों पर नियमित रूप से दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। खासतौर पर AIIMS और पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल जैसे बड़े अस्पताल परिसरों में संचालित जनऔषधि केंद्र सामान्य रूप से काम करते रहेंगे ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
Discover more from टेन न्यूज हिंदी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
टिप्पणियाँ बंद हैं।