Greater Noida News (23/02/2026): भारत और अमेरिका के बीच 4 फरवरी 2026 को घोषित व्यापार सहयोग ढांचे को सप्लाई चेन सहयोग और बाजार पहुंच के लिहाज से सकारात्मक पहल माना जा रहा था, लेकिन इसके कुछ ही दिनों बाद अमेरिका की ओर से टैरिफ को लेकर आए सख्त संकेतों ने भारतीय परिधान निर्यात उद्योग, विशेषकर लेडीज़ वुवेन प्रिंटेड रेडीमेड गारमेंट क्षेत्र में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है।
21 फरवरी 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा वैश्विक आयात शुल्क को 15 प्रतिशत तक बढ़ाने के संकेत दिए गए, जबकि 10 प्रतिशत का अस्थायी आयात शुल्क पहले ही लागू किया जा चुका है। इस नीति बदलाव से भारत समेत कई निर्यातक देशों के सामने लागत और प्रतिस्पर्धा से जुड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, IEEPA से जुड़ी न्यायिक सीमाओं के बाद अमेरिका ने अब Trade Act, 1974 की धारा 122 का सहारा लिया है। इसके साथ ही Section 301, 232 और 338 जैसे प्रावधानों के तहत अतिरिक्त शुल्क लगाने के विकल्प खुले रखे गए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका एक ओर व्यापार सहयोग बनाए रखना चाहता है, वहीं दूसरी ओर घरेलू उद्योगों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दे रहा है।
स्टार एक्सपोर्ट हाउस और एस. के. ओवरसीज़, उत्तर प्रदेश से जुड़े निर्माता एवं निर्यातक कपिल साध का कहना है कि इस टैरिफ सख्ती का सीधा असर लागत पर पड़ेगा। उनके अनुसार, अमेरिकी आयातकों की लागत बढ़ने से वे भारतीय निर्यातकों पर कीमतें घटाने का दबाव बनाएंगे। सीमित मार्जिन पर काम करने वाले MSME निर्यातकों के लिए यह स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि भौगोलिक निकटता के कारण मैक्सिको और मध्य अमेरिका जैसे देशों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सकती है। इसके अलावा, अमेरिकी खरीदार जोखिम कम करने के लिए मल्टी-सोर्सिंग और छोटे ऑर्डर की रणनीति अपना सकते हैं, जिससे भारतीय निर्यातकों को स्थिर ऑर्डर मिलना कठिन हो सकता है।
हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि इंडो-यूएस व्यापार सहयोग ढांचा भारत को एक भरोसेमंद सप्लाई पार्टनर के रूप में बनाए रखता है। चीन+1 रणनीति, वैल्यू-एडेड डिज़ाइन, छोटे बैचों में उत्पादन और तेज डिलीवरी जैसी क्षमताएं भारतीय परिधान उद्योग के लिए अवसर भी प्रस्तुत करती हैं। कपिल साध के अनुसार, आने वाले समय में प्रतिस्पर्धा केवल सस्ती कीमतों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विश्वसनीयता, गति और वैल्यू-एडिशन निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
उद्योग जगत का मानना है कि अल्पकाल में टैरिफ बढ़ोतरी से लागत दबाव बढ़ेगा और निर्यातकों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। लेकिन दीर्घकाल में, यदि भारतीय निर्यातक गुणवत्ता, डिज़ाइन और सप्लाई चेन दक्षता पर ध्यान केंद्रित करें, तो वैश्विक बाजार में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रख सकते हैं।।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
Discover more from टेन न्यूज हिंदी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
टिप्पणियाँ बंद हैं।