AI बना नौकरियों पर संकट: जाने किन सेक्टरों की जा सकती हैं नौकरियां

टेन न्यूज नेटवर्क

National News (18/02/2026): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभाव दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहा है और इसका असर रोजगार (Employment) के विभिन्न क्षेत्रों पर साफ दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में बड़ी संख्या में नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं, क्योंकि मशीनें और सॉफ्टवेयर अब इंसानों जैसे कई काम करने में सक्षम हो रहे हैं।

AI ऐसी तकनीक है, जो कंप्यूटर और मशीनों को डेटा का विश्लेषण कर निर्णय लेने, सुझाव देने और कार्य करने की क्षमता देती है। इसका उपयोग पहले से ही दैनिक जीवन में नेविगेशन, ऑनलाइन फूड डिलीवरी और अन्य डिजिटल सेवाओं में किया जा रहा है।

निर्माण और श्रम क्षेत्र में भी बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। कई देशों में 3D प्रिंटिंग तकनीक और रोबोट्स के जरिए घर बनाए जा रहे हैं और ईंट बिछाने जैसे काम स्वचालित मशीनों द्वारा किए जा रहे हैं। लिफ्ट इंस्टॉलेशन और ड्रिलिंग जैसे जोखिम भरे कार्यों में भी रोबोट्स का उपयोग बढ़ रहा है, जिससे मानव श्रमिकों की आवश्यकता कम हो सकती है।

मैन्युफैक्चरिंग और वेयरहाउस सेक्टर में रोबोट्स का इस्तेमाल पहले से ही व्यापक है। कार निर्माण से लेकर बड़े गोदामों में सामान उठाने, छांटने और स्थानांतरित करने तक के कार्य मशीनें कर रही हैं।

रिटेल और फूड सर्विस सेक्टर में भी, ऑटोमेशन बढ़ रहा है। कुछ स्थानों पर रोबोट खाना बनाने और परोसने का काम कर रहे हैं। वहीं ड्रोन डिलीवरी जैसी तकनीकों के आने से पारंपरिक डिलीवरी सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।

बैंकिंग और ग्राहक सेवा क्षेत्र में, AI आधारित चैटबॉट्स का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। ये सिस्टम खाते की जानकारी देना, स्टेटमेंट निकालना, चेकबुक जारी करना और अन्य सामान्य सेवाएं प्रदान करने में सक्षम हैं। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में कॉल सेंटर की नौकरियों में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।

सफेदपोश नौकरियां भी, इससे अछूती नहीं हैं। कोडिंग, कंटेंट निर्माण, ग्राफिक डिजाइन, वीडियो एडिटिंग जैसे काम AI टूल्स के जरिए तेजी से और कम समय में किए जा रहे हैं। इसके अलावा अकाउंटिंग और कानूनी क्षेत्र के कई बुनियादी कार्य, जैसे टैक्स रिटर्न तैयार करना या दस्तावेज बनाना, भी स्वचालित हो रहे हैं।

AI के उपयोग से कंपनियों की लागत घटती है, और कार्यक्षमता बढ़ती है, क्योंकि मशीनों को आराम या छुट्टी की आवश्यकता नहीं होती। साथ ही खतरनाक उद्योगों, जैसे खनन या युद्ध क्षेत्रों में, यह तकनीक मानव जीवन की सुरक्षा में भी सहायक हो सकती है।

इसके साथ बड़े पैमाने पर बेरोजगारी और आर्थिक असमानता बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में वही लोग टिक पाएंगे जो नई तकनीकों के अनुसार खुद को अपडेट करेंगे और AI के साथ काम करने की क्षमता विकसित करेंगे।

कुछ ऐसे पेशे भी हैं, जिनमें मानव संपर्क और भावनात्मक समझ महत्वपूर्ण है, इसलिए उनमें इंसानों की भूमिका लंबे समय तक बनी रह सकती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख / न्यूज आर्टिकल सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध जानकारी और प्रतिष्ठित / विश्वस्त मीडिया स्रोतों से मिली जानकारी पर आधारित है।यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। पाठक कृपया स्वयं इस की जांच कर सूचनाओं का उपयोग करे॥


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