New Delhi News (23 जनवरी, 2026): रियल एस्टेट सेक्टर में मांग को नई गति देने के उद्देश्य से नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) ने केंद्र सरकार को कई अहम सुझाव सौंपे हैं। नारेडको ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय से होम लोन पर ब्याज कटौती (Home Loan Interest Deduction) की मौजूदा सीमा बढ़ाने, आयकर सेटलमेंट कमीशन (Income Tax Settlement Commission) को दोबारा शुरू करने और कर ढांचे में व्यापक सुधार करने की सिफारिश की है।
ये सुझाव ऐसे समय सामने आए हैं जब केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के अधीन यह शीर्ष रियल एस्टेट संस्था अपने बहुप्रतीक्षित अर्बन एंड रियल एस्टेट डेवलपमेंट कॉन्क्लेव 2026 की घोषणा कर चुकी है। नारेडको का मानना है कि कर प्रोत्साहन (Tax Incentives) और विवाद समाधान तंत्र में सुधार से आवासीय मांग (Housing Demand) को सीधा बढ़ावा मिलेगा।
नारेडको ने अपनी सिफारिशों में कहा है कि आयकर अधिनियम 2025 की धारा 22 के तहत ब्याज भुगतान पर मिलने वाली कटौती उसी वर्ष से लागू होनी चाहिए जिस वर्ष पूंजी उधार ली जाती है, जैसा कि धारा 80C के अंतर्गत मूलधन के मामले में होता है। साथ ही, मालिक के रहने वाले घरों के लिए मौजूदा 2 लाख रुपये की सीमा को बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये या उससे अधिक किया जाना चाहिए और अधिग्रहण या निर्माण पूरा होने की पांच साल की शर्त को समाप्त किया जाना चाहिए।
नारेडको के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर (Real Estate Sector) भारत की आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और शहरी विकास की रीढ़ है। आवास वित्त से जुड़े कर ढांचे का युक्तिकरण अंतिम उपभोक्ताओं की मांग को प्रोत्साहित करेगा, परियोजनाओं में देरी से प्रभावित गृह खरीदारों को राहत देगा और बाजार में भरोसा बहाल करेगा।
वर्तमान में आयकर अधिनियम 1961 की धारा 24(बी) के तहत किराये पर दी गई संपत्तियों के लिए ब्याज पर पूरी कटौती की अनुमति है, जबकि स्वयं रहने वाले घरों के लिए यह सीमा 2 लाख रुपये तय है। इसके अलावा यह लाभ तभी मिलता है जब उधार लेने के पांच वर्षों के भीतर निर्माण या अधिग्रहण पूरा हो जाए।
नारेडको ने आयकर सेटलमेंट कमीशन की पुनर्बहाली की भी जोरदार वकालत की है। संस्था का कहना है कि इस आयोग के माध्यम से करदाताओं को एकमुश्त निपटान (One-time Settlement) का अवसर मिलता था, जिससे लंबे विवाद, दंड और अभियोजन से राहत मिलती थी। आयोग के 2021 में समाप्त होने के बाद मौजूदा विवाद समाधान प्रणाली में कई व्यावहारिक खामियां सामने आई हैं।
नारेडको के चेयरमैन डॉ. निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि निवेशक-अनुकूल और पारदर्शी माहौल (Investor-friendly Environment) के लिए प्रभावी विवाद समाधान तंत्र और तर्कसंगत कर नीतियां बेहद जरूरी हैं। इससे न केवल आवास को किफायती बनाया जा सकेगा, बल्कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।
इसके अलावा, नारेडको ने गैर-कॉरपोरेट इकाइयों के लिए कुल कर दर को घटाकर 25 प्रतिशत और व्यक्तियों के लिए अधिकतम कर दर को 30 प्रतिशत तक सीमित करने का भी सुझाव दिया है। संस्था ने यह भी रेखांकित किया कि रियल एस्टेट सेक्टर देश की जीडीपी (GDP) में लगभग 8 प्रतिशत का योगदान देता है और कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोजगार देने वाला क्षेत्र है।
किफायती और किराये के आवास (Rental Housing) को बढ़ावा देने के लिए नारेडको ने सरकार से धारा 80-आईबीए के तहत अधिसूचना की शर्त हटाने की मांग की है, जिससे डेवलपर्स को रेंटल हाउसिंग सेक्टर में निवेश के लिए प्रोत्साहन मिल सके।
इसी क्रम में नारेडको ने अर्बन एंड रियल एस्टेट डेवलपमेंट कॉन्क्लेव 2026 की घोषणा की है, जो 13–14 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित होगा। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट, रेंटल हाउसिंग, रेरा सुधार, डिजिटलीकरण और विकसित भारत 2047 में रियल एस्टेट की भूमिका जैसे अहम विषयों पर मंथन किया जाएगा।।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
Discover more from टेन न्यूज हिंदी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
टिप्पणियाँ बंद हैं।