नई दिल्ली (14 जनवरी,2025): आयुष्मान भारत योजना को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के बीच जारी विवाद अब और गहराता जा रहा है। देश के 36 में से 34 राज्यों में लागू इस योजना से दिल्ली और पश्चिम बंगाल को अभी भी वंचित रखा गया है। दिल्ली सरकार पर आरोप है कि वह राजनीतिक मतभेद के चलते इस योजना को लागू नहीं कर रही है, जिससे लाखों नागरिक स्वास्थ्य सेवाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
प्रवीण खंडेलवाल का बयान: मानव अधिकारों का हनन
बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इस कारण से उन लोगों को लाभकारी योजना से वंचित करना, जिन्होंने आपको सिंहासन पर बिठाया, यह मानव अधिकारों का हनन है। भारत का संविधान आर्टिकल 14 और 21 के तहत हर व्यक्ति को मौलिक अधिकार देता है। लोगों को केवल इसलिए वंचित रखना क्योंकि यह योजना भारत सरकार की है, केजरीवाल की मानसिकता और उनके चरित्र को दर्शाता है।”
योगेंद्र चंदोलिया का दावा: भाजपा की सरकार बनी तो लागू होगी योजना
भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा, “आप कुछ भी कर लें, 28 दिन बाद भाजपा की सरकार बनेगी और यह योजना लागू होकर रहेगी। दिल्ली और पश्चिम बंगाल ऐसे दो राज्य हैं, जहां यह योजना लागू नहीं है। यह इन राज्यों की सरकारों की नीयत को दिखाता है।”
वीरेंद्र सचदेवा: कोर्ट भी सवाल उठा रहा है
दिल्ली भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, “उड़ीसा की जनता को बधाई, जिन्होंने बीजेडी सरकार द्वारा रोकी गई आयुष्मान योजना को अब स्वीकार किया। लेकिन दिल्ली और पश्चिम बंगाल के लोग अब भी इससे वंचित हैं। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि अगर इस योजना से जनता को लाभ मिलता है तो आपकी परेशानी क्या है? दिल्ली के लोग 5 लाख तक का सालाना मुफ्त इलाज करा सकते थे, लेकिन केजरीवाल को अपनी भ्रष्ट योजनाएं चलानी हैं।”
रामवीर सिंह बिधूड़ी: दिल्ली सरकार ने अपने वादे पूरे नहीं किए
भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली सरकार ने विधानसभा में घोषणा की थी कि आयुष्मान योजना लागू होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “70 साल से ज्यादा उम्र के वरिष्ठ नागरिक, चाहे अमीर हो या गरीब, सभी को इस योजना का लाभ मिल सकता था। लेकिन यह योजना लागू न करना दिल्ली सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करता है।”
बांसुरी स्वराज: विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा, “आयुष्मान भारत योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। केंद्र सरकार ने राज्यों को इसे लागू करने के लिए फंड दिया है, लेकिन दिल्ली सरकार ने अब तक इसका MOU साइन नहीं किया। हेल्थ डिपार्टमेंट के वकील ने कोर्ट में बताया कि MOU तैयार है, लेकिन सरकार इसे साइन करने को तैयार नहीं है।”
केजरीवाल सरकार पर विपक्ष का हमला
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार ने आयुष्मान भारत योजना और पीएम आवास योजना जैसी कई कल्याणकारी योजनाओं को राज्य में लागू नहीं किया। उनका कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली योजनाओं को सिर्फ राजनीतिक कारणों से रोका जा रहा है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
जनता का नुकसान
आयुष्मान भारत योजना के तहत हर परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। यह योजना गरीबों के लिए एक वरदान साबित हुई है, लेकिन दिल्ली और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में इसे लागू न करने से लाखों लोग लाभ से वंचित हैं।
विपक्ष का कहना है कि यदि दिल्ली में भाजपा की सरकार बनती है, तो आयुष्मान भारत और पीएम आवास योजना तुरंत लागू की जाएगी। अब देखना यह है कि इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार की प्रतिक्रिया क्या होती है और जनता को इसका लाभ कब तक मिलता है।
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