प्रधानमंत्री मोदी ने अजमेर शरीफ दरगाह को भेजी चादर, जनसभा में आए साधु- संतों ने क्या कहा?
टेन न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली, 3 जनवरी 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अजमेर शरीफ दरगाह के लिए चादर भेंट करने पर भारतीय जनता पार्टी के मंदिर प्रकोष्ठ संयोजक आचार्य शिवशंकर तिवारी ने इसे सामाजिक सौहार्द्र का सकारात्मक संदेश बताया।
टेन न्यूज़ नेटवर्क से बातचीत के दौरान तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के सर्वोच्च पद पर आसीन हैं और यह उनका दायित्व है कि वे सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान करें। उन्होंने पीएम मोदी के इस कदम को एकता और शांति का प्रतीक बताया।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अजमेर शरीफ से संबंधित याचिका पर न्यायालय का निर्णय सर्वोपरि है। उन्होंने कहा, “हमारी न्यायिक व्यवस्था पर हमें पूरा विश्वास है। जहां तक हमारे मंदिरों पर पूर्व में हुए बाहरी आक्रमणों का सवाल है, हम उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत पुनः प्राप्त करने का प्रयास करेंगे। यह हमारा अधिकार है, कोई भिक्षा नहीं।”
दिल्ली विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र धर्म और धार्मिक स्थलों से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में हैं। मौजूदा समय में पुजारियों, मौलवियों, मंदिरों और मस्जिदों से जुड़े विषय राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि ये मुद्दे आगामी चुनावों में किस तरह का प्रभाव डालते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का यह कदम न केवल धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देता है, बल्कि देश में शांति और समरसता के संदेश को भी मजबूती प्रदान करता है।
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