नए कानून के तहत ऑनलाइन गेमिंग पर सरकार का शिकंजा
टेन न्यूज नेटवर्क
National News (06/10/2025): भारत ने ऑनलाइन गेमिंग के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बदलाव किया है। Promotion and Regulation of Online Gaming Act, 2025 के लागू होने के साथ अब देश में किसी भी प्रकार के “ऑनलाइन मनी गेम्स” पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कानून गेम ऑफ़ स्किल और गेम ऑफ़ चांस के बीच कोई भेदभाव नहीं करता।
केंद्रीय सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस अधिनियम के तहत किसी भी गेम में स्टेक, फीस या डिपॉजिट के बदले में मौद्रिक लाभ की उम्मीद होने पर इसे प्रतिबंधित माना जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों और वित्तीय संस्थाओं को ₹1 करोड़ तक का जुर्माना और तीन साल तक की जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है।
कानून के तहत एक ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी का गठन किया गया है, जिसे वेबसाइटों को ब्लॉक करने और उल्लंघनकर्ताओं को बिना वारंट गिरफ्तारी करने का अधिकार है। इस कानून का उद्देश्य ऑफशोर बेटिंग प्लेटफॉर्म्स पर सख्त कार्रवाई करना और गैर-नियामक ऑनलाइन मनी गेम्स की पहुंच को रोकना है।
साथ ही, नई व्यवस्था में ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है, ताकि यह क्षेत्र मनोरंजन और कौशल विकास का माध्यम बने।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस नए कानून से घरेलू रियल-मनी गेमिंग कंपनियों के लिए राजस्व में गिरावट आ सकती है, जबकि कुछ उपयोगकर्ता अवैध ऑफशोर प्लेटफॉर्म की ओर रुख कर सकते हैं। इसके अलावा, कानून के स्किल और चांस के बीच भेदभाव न करने के प्रावधानों को लेकर पहले से ही कानूनी चुनौतियाँ सामने आई हैं।
भारत ने ऑनलाइन गेमिंग के क्षेत्र में कठोर नियामक कदम उठाए हैं, जिससे ऑफशोर बेटिंग और मनी-गेमिंग के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में बड़ा परिवर्तन आया है।
डिस्क्लेमर: यह लेख / न्यूज आर्टिकल सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध जानकारी और प्रतिष्ठित /विश्वस्त मीडिया स्रोतों से मिली जानकारी पर आधारित है।।
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