विश्व हृदय दिवस पर ITS डेंटल काॅलेज में “ओरल हेल्थ एंड कार्डियोवास्कुलर सिनर्जी” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन
विश्व हृदय दिवस पर आई0टी0एस0 डेंटल काॅलेज एवं डायबिटीज इंडिया ओरल हेल्थ गु्रप ने “ओरल हेल्थ एंड कार्डियोवास्कुलर सिनर्जी” विषय पर विशेष संगोष्ठी का आयोजन दिनांक 29 सितम्बर, 2025 को आई0 टी0 एस0 डेंटल काॅलेज, हाॅस्प्टिल एंड रिसर्च सैंटर, ग्रेटर नोएडा के पीरियोडोंटिक्स विभाग द्वारा एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें दिल्ली एन0सी0आर के विभिन्न संस्थानों के चिकित्सकों, छात्रों एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं इंडियन सोसाइटी आॅफ पीरियोडोंटोलाॅजी के अध्यक्ष डाॅ0 एच0एस0 ग्रोवर ने ओरल हेल्थ एंड कार्डियोवास्कुलर सिनर्जी विषय पर आयोजित इस सी0डी0ई0 कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह संगोष्ठी मौखिक स्वास्थ्य और हृदय रोगों के पारस्परिक संबंध को समझने की दिशा में एक अत्यंत सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब जीवनशैली संबंधी रोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में मौखिक स्वच्छता का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। दांतों और मसूड़ों की बीमारियां केवल मुख तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उनका प्रभाव पूरे शरीर, विशेष रूप से हृदय की कार्यप्रणाली पर भी पड़ता है। इस तथ्य को पहचानना और इसे चिकित्सा अभ्यास में लागू करना अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में विभिन्न प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने भाग लिया और अपने अनुभव तथा ज्ञान साझा किया। प्रमुख प्रतिभागियों में डाॅ0 सी0एस0 बैजू, डाॅ0 मोहित माथुर, डाॅ0 मनीष खत्री, डाॅ0 विकेंदर यादव, डाॅ0 विवेक टंडन, डाॅ0 अमरेंद्र पांडे, डाॅ0 सुमिधा बंसल, डाॅ0 अमित गुप्ता, डाॅ0 संगीता धीर, डाॅ0 रूपाली कालसी, डाॅ0 गुनजन गुप्ता और संस्थान के प्रधानाचार्य डाॅ0 सचित आनंद अरोरा उपस्थित थे। इन विशेषज्ञों ने सत्रों में सक्रिय भागीदारी निभाई, पैनल-आधारित चर्चाओं में अपने विचार साझा किए। संस्थान के प्रधानाचार्य डाॅ0 सचित आनंद अरोरा ने विश्व हृदय दिवस पर स्वयं इस बात का प्रमाण है कि धड़कते हुए हृदय की जटिलताओं और हृदय रोगों के विविध कारणों में मौखिक रोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यद्यपि मौखिक स्वास्थ्य उच्च रक्तचाप, धूम्रपान आदि की तरह प्रत्यक्ष रूप से जानलेवा नहीं है, फिर भी यह शरीर की कार्यक्षमताओं में हानि पहुंचाने वाले सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली कारणों में से एक है। उन्होनंने यह भी कहा कि आई0टी0एस डेंटल काॅलेज सदैव ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहा है, जिनसे छात्रों और प्रैक्टिशनर्स को नवीनतम शोध, तकनीक और चिकित्सकीय दृष्टिकोणों की जानकारी प्राप्त होती है। आगे भी काॅलेज इस तरह के बहुआयामी सी0डी0ई0 प्रोग्राम आयोजित कर दंत चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करता रहेगा। आई0टी0एस0 – द एजूकेशन ग्रुप उपाध्यक्ष सोहिल चड्ढा ने कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन मौखिक स्वास्थ्य और हृदय रोगों के बीच के गहरे वैज्ञानिक संबंध को समज्ञने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा संस्थान निरंतर ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित करता रहा है, जो छात्रों को न केवल अकादमिक रूप से सशक्त बनाते हैं बल्कि उन्हें एक संवेदनशील और समग्र चिकित्सक बनने के लिए भी तैयार करते हैं।
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