नई दिल्ली (1 जून 2025): देश में कोरोना वायरस एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहा है। शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में कोविड-19 के सक्रिय मामलों की संख्या 3,395 पर पहुंच गई, जो पिछले दो वर्षों में सबसे अधिक है। इससे पहले इतनी बड़ी संख्या में एक्टिव केस 1 अप्रैल, 2023 को दर्ज किए गए थे, जब मामले 3,084 थे। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 685 नए मामले सामने आए हैं और चार मौतें हुई हैं। केरल, दिल्ली, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में एक-एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है।
देश के 8 राज्यों में पिछले 24 घंटे में 100 से ज्यादा नए केस सामने आए हैं, जिससे विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है। केरल में सबसे ज्यादा 1,336 मामले दर्ज किए गए हैं, जो कुल सक्रिय मामलों का लगभग 40% हैं। इसके बाद महाराष्ट्र में 467, दिल्ली में 375, गुजरात में 265, कर्नाटक में 234, पश्चिम बंगाल में 205, तमिलनाडु में 185 और उत्तर प्रदेश में 117 केस सामने आए हैं। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि संक्रमण अब देश के अलग-अलग हिस्सों में फिर से सक्रिय हो रहा है।
22 मई को देश में कुल 257 सक्रिय मामले थे, लेकिन महज चार दिनों में यह संख्या तेजी से बढ़ती हुई 1,010 तक पहुंच गई और अब 1 जून तक यह 3,395 हो चुकी है। इस अचानक हुई बढ़ोतरी से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है और संक्रमण की रोकथाम के लिए रणनीतियां तेज़ कर दी गई हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, यह स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है लेकिन लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने शुक्रवार को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार पूरी तरह से सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार राज्यों से संपर्क में है और सभी ज़रूरी संसाधन मुहैया कराने के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हालात पर करीबी नज़र रखी जा रही है और लोगों से अपील की है कि वे भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनें और कोविड से जुड़ी सावधानियों का पालन करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार संक्रमण के मामले अपेक्षाकृत धीमी गति से बढ़ रहे हैं, लेकिन अगर जागरूकता नहीं बढ़ाई गई तो यह लहर का रूप ले सकता है। हालांकि अभी तक ओमिक्रॉन के किसी नए वेरिएंट की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन टेस्टिंग और जीनोम सीक्वेंसिंग बढ़ाने की सलाह दी गई है। साथ ही राज्यों को कहा गया है कि वे कोविड बेड, ऑक्सीजन और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित रखें।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, मौजूदा हालात को देखते हुए फिलहाल किसी प्रकार की पाबंदी की आवश्यकता नहीं है, लेकिन जनसहभागिता और सतर्कता बहुत ज़रूरी है। विशेषज्ञों ने विशेष रूप से बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों से सतर्क रहने और लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करवाने की अपील की है। इस तरह से आने वाले दिनों में भारत की कोविड रणनीति की सफलता नागरिकों की जिम्मेदारी पर भी निर्भर करेगी।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन नई दिल्ली, दिल्ली सरकार, दिल्ली राजनीति, दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टिप्पणियाँ बंद हैं।