उत्तर प्रदेश (11 मई 2025): उत्तर प्रदेश सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और करियर निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) की छात्राओं के लिए शुरू किया गया ‘पंख पोर्टल’ अब एक परिवर्तनकारी डिजिटल पहल बन चुका है। समग्र शिक्षा अभियान और यूनिसेफ के सहयोग से विकसित यह पोर्टल केवल बेटियों को सपने दिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें उन सपनों को साकार करने की रणनीति भी सिखा रहा है। यह पहल साबित कर रही है कि यदि बेटियों को सही दिशा, मंच और आत्मविश्वास मिले, तो वे अपनी नई दुनिया खुद गढ़ सकती हैं। ‘पंख पोर्टल’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश की बेटियों को अपने सपनों को नया आसमान देने का अवसर मिला है, और आज प्रदेश गर्व से कह सकता है कि “हमारी बेटियां अब सब कुछ कर सकती हैं।”
‘पंख पोर्टल’ के जरिये केजीबीवी की छात्राओं को न केवल शैक्षणिक क्षमताओं को निखारने का मौका मिल रहा है, बल्कि वे रक्षा, इंजीनियरिंग, वाणिज्य, चिकित्सा, खेल, संगीत, चित्रकला, लेखन और वाद-विवाद जैसे विविध करियर विकल्पों की जानकारी भी प्राप्त कर रही हैं। पोर्टल छात्राओं को उनकी रुचि के अनुसार करियर चुनने, आत्मविश्वास बढ़ाने और समस्याओं को सुलझाने की तार्किक दृष्टि प्रदान कर रहा है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म ने छात्राओं के भीतर यह भावना मजबूत की है कि “हम भी सब कुछ कर सकते हैं!”
हर उच्चीकृत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) में एक सक्रिय ‘करियर कॉर्नर’ स्थापित किया गया है, जिसकी अध्यक्षता वार्डेन कर रही हैं। यहां कंप्यूटर और मनोविज्ञान में दक्ष नोडल शिक्षिकाएं नियमित रूप से छात्राओं को करियर मार्गदर्शन प्रदान कर रही हैं। कक्षा 6 से 12वीं तक की छात्राएं uppankh.in पोर्टल पर पंजीकरण कर अपनी करियर योजना तैयार करती हैं और उसे अपनी व्यक्तिगत डायरी में दर्ज करती हैं। वार्डेन नियमित रूप से इन डायरी प्रविष्टियों की समीक्षा कर छात्राओं को योजनाओं को और अधिक सटीक व व्यावहारिक बनाने में सहायता करती हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास और करियर के प्रति स्पष्टता बढ़ती है।
यूनिसेफ के सहयोग से तैयार 50 करियर गाइडेंस कार्ड अब स्कूलों में चर्चा और संवाद का केंद्र बन चुके हैं। इसके अलावा, बड़े आकार के माइंड मैप फ्लैक्स कैरियर कॉर्नर में रचनात्मक बातचीत और विचारों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित कर रहे हैं। इस संपूर्ण व्यवस्था की राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक सघन निगरानी की जा रही है। वार्डेन, जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट तैयार करते हैं, जिससे प्रत्येक माह राज्य स्तर पर मॉनिटरिंग कर योजना की प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा रही है।
इसके अतिरिक्त, मार्गदर्शन की गुणवत्ता को और सुदृढ़ बनाने के लिए समय-समय पर राज्य स्तर पर ऑनलाइन वेबिनार और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से नोडल शिक्षिकाओं और वार्डेन को नवीनतम कौशलों से लैस किया जा रहा है, ताकि वे छात्राओं को और बेहतर दिशा-निर्देश दे सकें। योगी सरकार की यह पहल न केवल प्रदेश की बेटियों के सपनों को पंख दे रही है, बल्कि एक आत्मनिर्भर और सशक्त उत्तर प्रदेश के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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