नई दिल्ली (30 अप्रैल 2025): दिल्ली पुलिस की छवि को एक बार फिर झटका लगा है, जहां एक तैनात सब-इंस्पेक्टर (SI) पर बड़ा आरोप सामने आया है। यह SI साइबर ठगी के मामलों में फ्रीज किए गए बैंक खातों को फर्जी कोर्ट ऑर्डर के जरिए डी-फ्रीज करवा रहा था। इसके बाद, ठगों के साथ मिलकर SI इन खातों से करोड़ों रुपये निकालता था। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब एक बैंक ने शक होने पर साकेत कोर्ट में ऑर्डर की पुष्टि कराई।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी SI वर्तमान में दिल्ली पुलिस की पीसीआर यूनिट में तैनात है और इससे पहले वह साउथ दिल्ली में तैनात रह चुका है, जहां उस पर पहले से विभागीय जांच (डीई) चल रही थी। बताया जा रहा है कि उसने पहले जीटीबी एनक्लेव थाने में भी इसी तरीके से साइबर अपराधियों से मिलकर डी-फ्रीजिंग का खेल रचा था। हर बार वह केस का IO बनकर बैंक जाता, फर्जी कोर्ट ऑर्डर दिखाता और खातों को डी-फ्रीज करवा लेता।
इस पूरे रैकेट में अब तक करीब 5 करोड़ रुपये का गबन किया जा चुका है। बैंक अधिकारी अक्सर कोर्ट के ऑर्डर को वेरीफाई नहीं करते, जिसका फायदा उठाकर SI अपने मकसद में सफल हो रहा था। मगर इस बार एक बैंक ने कोर्ट जाकर पुष्टि की, जिससे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ। इसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
हालांकि, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं। अडिशनल DCP साउथ अचिन गर्ग ने फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि पीसीआर यूनिट के वरिष्ठ अधिकारी ने सिर्फ यह कहा कि आरोपी के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। यह मामला दिखाता है कि कैसे वर्दीधारी ही अपराधियों के साथ मिलकर कानून का मखौल उड़ा रहे हैं।
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