अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला: ‘वक्फ बिल अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला’

टेन न्यूज नेटवर्क

नई दिल्ली (02 अप्रैल 2025): समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर सीधा हमला है और इससे उनकी धार्मिक स्वतंत्रता खतरे में पड़ जाएगी।

बीजेपी हर चीज पर नियंत्रण चाहती है

अखिलेश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार हर क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है और इसलिए वक्फ बिल ला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास है, जिससे न केवल धार्मिक स्वतंत्रता प्रभावित होगी बल्कि कई सामाजिक और शैक्षिक संस्थानों को भी नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बिना किसी बहस के इस विधेयक को पारित कराना चाहती है।

मुसलमानों में डर जायज

यादव ने कहा कि देश में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की साजिश हो रही है और मुसलमानों में जो डर पैदा हो रहा है, वह सरकार की नीतियों के कारण जायज है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर ऐसे मुद्दे उठा रही है, जिनसे समाज में ध्रुवीकरण हो। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह अल्पसंख्यकों की चिंताओं को गंभीरता से ले और इस विधेयक को वापस ले।

‘विधेयक सिर्फ नफरत फैलाने के लिए’

अखिलेश यादव ने कहा कि इस बिल का मकसद केवल मुस्लिमों को निशाना बनाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हिंदुत्व की विचारधारा को लागू करने के लिए ऐसे कानून ला रही है। उन्होंने इस विधेयक को “वक्फ बर्बाद बिल” करार दिया और कहा कि यह मुस्लिम समुदाय की संपत्तियों को हड़पने की योजना का हिस्सा है।

‘बीजेपी कर रही है वोट बैंक की राजनीति’

अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी का मुस्लिम वोट बैंक खत्म हो चुका है, इसलिए वह इस तरह के विधेयक लाकर समाज में विभाजन की राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण करके चुनावी लाभ उठाना चाहती है और यह विधेयक न केवल धार्मिक अल्पसंख्यकों बल्कि पूरे देश की लोकतांत्रिक संरचना के लिए खतरा है।

‘धर्म से जुड़ी चीजों पर व्यापार नहीं’

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि धर्म के मामलों में कारोबार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि धार्मिक संपत्तियों का संरक्षण सरकार की जिम्मेदारी है, न कि उनका व्यावसायिक उपयोग। अगर सरकार धार्मिक संपत्तियों का इस्तेमाल व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए करने लगी, तो यह धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला होगा।

‘यूपी सरकार पर भी कटाक्ष’

अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री ‘तीस मार खान’ जैसे अटके हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी चीज का आंकड़ा पूछा जाता है, तो उनका जवाब सिर्फ “तीस” ही होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को ठोस तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर बात करनी चाहिए, न कि सिर्फ प्रतीकात्मक भाषा में।

‘बीजेपी अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष तक नहीं चुन पाई’

बीजेपी पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली बीजेपी अभी तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पाई है। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखती, तो अब तक उसका अध्यक्ष चुना जा चुका होता।

‘हम विधेयक के खिलाफ मतदान करेंगे’

अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि समाजवादी पार्टी इस विधेयक का पूरी तरह विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि अगर मतदान होता है तो सपा इसके खिलाफ वोट डालेगी और उन्होंने विपक्षी दलों से भी अपील की कि वे इस विधेयक के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों। उन्होंने कहा कि यह विधेयक अगर पारित होता है तो यह धार्मिक स्वतंत्रता के लिए एक बड़ा झटका होगा।।


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