ITS कॉलेज में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर विशेषज्ञ व्याख्यान, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का संदेश
टेन न्यूज नेटवर्क
Greater Noida News (28/10/2026): पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग और सतत विकास के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आईटीएस कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़ (बीबीए एवं बीसीए), ग्रेटर नोएडा में ‘पर्यावरण जागरूकता एवं सतत विकास’ विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बीबीए एवं बीसीए के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। व्याख्यान का संचालन कॉलेज के प्रो. मनोज कुमार गुप्ता ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के विभिन्न घटकों के बीच आपसी संबंधों और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
व्याख्यान के दौरान प्रो. मनोज कुमार गुप्ता ने प्रकृति के चार प्रमुख घटकों—भौतिक जगत, वनस्पति जगत, जीव-जंतु जगत और मानव जगत—की परस्पर निर्भरता को समझाया। उन्होंने बताया कि प्रकृति का प्रत्येक घटक एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है और किसी एक में असंतुलन उत्पन्न होने पर उसका प्रभाव संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ता है। पृथ्वी पर जीवन को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए इन सभी घटकों के बीच सामंजस्य स्थापित करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन, पर्यावरण प्रदूषण और संसाधनों का लगातार क्षरण गंभीर चुनौतियों के रूप में सामने आ रहे हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए केवल पर्यावरण संरक्षण के प्रति जानकारी होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दैनिक जीवन में जिम्मेदार व्यवहार अपनाना भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग में विवेक और संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता समझाई।
प्रो. गुप्ता ने आवश्यकता के अनुसार उपभोग और अनावश्यक रूप से संसाधनों का अत्यधिक इस्तेमाल करने के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए विद्यार्थियों को पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि पानी और बिजली की बचत, संसाधनों का सीमित उपयोग तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशील व्यवहार जैसे छोटे-छोटे प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उनके अनुसार, पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान प्रकृति के प्रति सही दृष्टिकोण विकसित करने और अपने व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने से संभव है।
सतत विकास की अवधारणा पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य केवल प्राकृतिक संसाधनों को बचाना नहीं, बल्कि मानव जीवन, परिवार, समाज और प्रकृति के बीच संतुलित एवं सामंजस्यपूर्ण संबंध स्थापित करना भी है। विकास की प्रक्रिया में पर्यावरणीय आवश्यकताओं और मानवीय गतिविधियों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है, ताकि वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के साथ भविष्य के लिए भी संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।
उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी व्यक्तिगत और सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्हें एक जागरूक नागरिक के रूप में समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और सतत विकास की दिशा में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के महत्व को समझने का अवसर मिला। इस विशेषज्ञ व्याख्यान ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनने तथा अपने दैनिक जीवन में जिम्मेदार और टिकाऊ आदतों को अपनाने का संदेश दिया।
प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
टिप्पणियाँ बंद हैं।