लखनऊ में जलभराव से निपटने को बनेगा 5.5 किमी तटबंध, 12 नए पंपिंग स्टेशन होंगे स्थापित

टेन न्यूज नेटवर्क

Lucknow News (18/10/2026): लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में होने वाले जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजना बनाई है। इसके तहत आईआईएम रोड से पक्कापुल (हार्डिंग ब्रिज) तक गोमती नदी के बाएं किनारे करीब 5.5 किलोमीटर लंबा तटबंध बनाया जाएगा। साथ ही, जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 12 नए पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, राहत कार्यों और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं पर चर्चा की गई।

बैठक में फैजुल्लागंज सहित गोमती नदी के आसपास की बस्तियों में जलभराव रोकने और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रस्तावित परियोजनाओं का उद्देश्य भारी बारिश और नदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान रिहायशी इलाकों में पानी जमा होने की समस्या को कम करना है।

जल निकासी के लिए बनेगा एकीकृत नेटवर्क

योजना के तहत तटबंध निर्माण के साथ नालों से पानी की निकासी में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाएगा। इसके लिए 12 नए पंपिंग स्टेशन स्थापित करने के अलावा न्याय विहार से एल्डिको ड्रेन तक जल निकासी का विस्तृत नेटवर्क विकसित किया जाएगा। अधिकारियों को सभी परियोजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि जलभराव की समस्या का दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित विभागों को जल निकासी व्यवस्था, सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जलभराव के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत और मजबूती में देरी नहीं होनी चाहिए।

प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के निर्देश

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलभराव प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री, स्वच्छ पेयजल, भोजन और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में कोई लापरवाही न हो। प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई, सुरक्षित आवागमन और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं को भी लगातार बनाए रखने पर जोर दिया गया।

सरकार की प्राथमिकता तत्काल राहत उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिससे भविष्य में भारी बारिश और गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को बार-बार जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े।

फैजुल्लागंज में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा विस्तार

जलभराव प्रभावित फैजुल्लागंज क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने प्री-प्राइमरी से कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई की सुविधा देने वाले एक समन्वित शैक्षणिक संस्थान की स्थापना की योजना को तेजी से आगे बढ़ाने को कहा। इससे क्षेत्र के बच्चों को स्थानीय स्तर पर शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में उच्चीकृत करने के निर्देश दिए गए। वहीं, बिजली आपूर्ति की क्षमता बढ़ाने के लिए मौजूदा 33 केवीए व्यवस्था के स्थान पर 132 केवीए का नया सब-स्टेशन स्थापित करने की योजना पर भी काम करने को कहा गया।

गोमती नदी के प्रवाह और स्वच्छता पर जोर

बैठक में गोमती नदी के अविरल प्रवाह और स्वच्छता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने नदी के जल प्रवाह को सुचारु रखने और जल निकासी से जुड़ी परियोजनाओं को समन्वित तरीके से विकसित करने पर जोर दिया। तटबंध, पंपिंग स्टेशन और ड्रेनेज नेटवर्क को इस तरह तैयार करने की योजना है कि बारिश के पानी की निकासी और नदी का जलस्तर बढ़ने से उत्पन्न चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

बीमारियों की रोकथाम के लिए चल रहा अभियान

बाढ़ और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन तथा संक्रामक बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए एंटी-लार्वा छिड़काव और फॉगिंग अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत 11 ड्रोन, 172 बैकपैक मशीनें, पांच स्वीपिंग मशीनें और आठ ट्रैक्टर-टैंकर लगाए गए हैं। फॉगिंग के लिए 11 टाटा एस माउंटेड मशीनों और 23 हैंड-हेल्ड मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।

प्रभावित इलाकों में नागरिक सुविधाएं बनाए रखने के लिए 75 पानी के टैंकर और 36 मोबाइल शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं। रात में रोशनी की व्यवस्था के लिए 179 प्रकाश बिंदु स्थापित किए गए हैं, जबकि मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए 135 चार्जिंग प्वाइंट संचालित किए जा रहे हैं।

शिकायतों के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम

जलभराव प्रभावित लोगों की समस्याओं और राहत कार्यों से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1077 जारी किया गया है। इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर शिकायतों और जरूरतों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए छह कंट्रोल प्वाइंट भी संचालित किए जा रहे हैं।

सरकार की इस योजना में तत्काल राहत के साथ-साथ जल निकासी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर ध्यान दिया गया है। प्रस्तावित तटबंध, पंपिंग स्टेशन और ड्रेनेज नेटवर्क के विकसित होने से लखनऊ के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में बारिश तथा गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर से होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।


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