उद्योगों को प्रदूषण नियमों पर मिली अहम जानकारी, UPPCB और IBA की कार्यशाला में 70 से अधिक उद्यमी शामिल

टेन न्यूज नेटवर्क

Greater Noida News (10/10/2026): ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक इकाइयों को पर्यावरणीय नियमों और प्रदूषण नियंत्रण मानकों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) के क्षेत्रीय कार्यालय और इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA), गौतमबुद्ध नगर की ओर से संयुक्त कार्यशाला आयोजित की गई। इकोटेक-1 स्थित IBA के मुख्यालय में हुए इस उद्यमी जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम में जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से 70 से अधिक उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में पर्यावरणीय अनुपालन, वायु प्रदूषण नियंत्रण, औद्योगिक इकाइयों की श्रेणियों और सरकारी नियमों के तहत जरूरी अनुमतियों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

उद्योगों को पर्यावरणीय नियमों और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की जानकारी

कार्यशाला में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, ग्रेटर नोएडा के क्षेत्रीय अधिकारी विकास मिश्रा और उनकी तकनीकी टीम ने उद्यमियों को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित नवीनतम नियमों एवं अनुपालन प्रक्रियाओं की जानकारी दी। इस दौरान CAQM (वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग) के दिशा-निर्देशों, औद्योगिक क्षेत्रों में वायु प्रदूषण कम करने के उपायों और पर्यावरणीय मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।

अधिकारियों ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों के संचालन में पर्यावरणीय नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण है। इसके लिए उद्योग संचालकों को अपनी इकाइयों की प्रकृति और श्रेणी के अनुसार आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने के साथ प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का उचित रखरखाव और संचालन सुनिश्चित करना चाहिए।

White, Green, Orange और Red कैटेगरी के उद्योगों पर चर्चा

कार्यशाला में उद्योगों के White, Green, Orange और Red श्रेणियों में वर्गीकरण के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही Consent to Establish (CTE) और Consent to Operate (CTO) की प्रक्रिया तथा इनसे संबंधित आवश्यकताओं को समझाया गया।

तकनीकी सत्र में Air Pollution Control Devices (APCD), स्क्रबर, बैग फिल्टर, डस्ट कलेक्टर और चिमनी जैसे प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों के उपयोग पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा बॉयलर, फर्नेस, ओवन, हीट ट्रीटमेंट, पाउडर कोटिंग और इलेक्ट्रोप्लेटिंग जैसी औद्योगिक प्रक्रियाओं में लागू पर्यावरणीय मानकों की जानकारी साझा की गई।

DG सेट के नियमों और उत्सर्जन मानकों पर दी गई जानकारी

कार्यशाला के दौरान डीजल जनरेटर (DG Set) से संबंधित दिशा-निर्देश भी चर्चा के प्रमुख विषय रहे। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि 24 KVA से कम क्षमता वाले जनरेटरों के लिए वर्तमान प्रावधानों के तहत अतिरिक्त अनुमति या डुअल फ्यूल (CNG और डीजल) में बदलाव की आवश्यकता नहीं है।

वहीं, निर्धारित क्षमता से अधिक के DG सेट के लिए चिमनी की आवश्यक ऊंचाई, उत्सर्जन मानकों, ध्वनि नियंत्रण और Acoustic Enclosure से जुड़े प्रावधानों का पालन करने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने उद्योग प्रतिनिधियों को अपनी इकाइयों में लागू मानकों की जांच करने और संबंधित नियमों के अनुसार आवश्यक व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।

निरीक्षण, नोटिस और पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति से जुड़े सवालों के जवाब

कार्यशाला में उद्योगों में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने, प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियों के सही इस्तेमाल और विभागीय निरीक्षण के दौरान आवश्यक दस्तावेजों से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने सामान्य अनुपालन संबंधी त्रुटियों, विभागीय नोटिस और पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (Environmental Compensation) से संबंधित पहलुओं की जानकारी दी।

इस दौरान उद्यमियों ने अपनी औद्योगिक इकाइयों से जुड़ी तकनीकी और कानूनी समस्याएं रखीं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने उनके सवालों के जवाब दिए और संबंधित नियमों एवं प्रक्रियाओं के बारे में मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योगों को समय पर अनुपालन सुनिश्चित करने और पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन से बचने के लिए जागरूक करना रहा।

उद्योगों की समस्याओं के समाधान के लिए विभाग से संपर्क करने की अपील

क्षेत्रीय अधिकारी विकास मिश्रा ने IBA की ओर से आयोजित इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का उद्देश्य उद्योगों को पर्यावरणीय नियमों के प्रति जागरूक करना और उनके प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करना है। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि पर्यावरणीय या तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए वे संबंधित विभाग से संपर्क करें।

उन्होंने भविष्य में भी IBA के सहयोग से इस तरह के जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा जताई, ताकि उद्योगों और विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।

IBA ने पर्यावरण संरक्षण को औद्योगिक जिम्मेदारी बताया

IBA के अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय ने कहा कि मौजूदा समय में प्रत्येक औद्योगिक इकाई के लिए पर्यावरणीय नियमों की सही जानकारी रखना और समय पर उनका पालन करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि IBA उद्योगों से जुड़े मुद्दों को उठाने और उद्यमियों को नवीनतम सरकारी नियमों से अवगत कराने के लिए विभिन्न विभागों के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।

उन्होंने उद्यमियों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी औद्योगिक और सामाजिक जिम्मेदारी मानते हुए निर्धारित मानकों का पालन करने का आह्वान किया।

IBA पदाधिकारी और बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में IBA के अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय, महासचिव सुनील दत्त शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्ण शर्मा, उपाध्यक्ष अजय राणा, कोषाध्यक्ष राकेश अग्रवाल, संयुक्त सचिव विकास राय और सेक्टर सचिव वीरेन्द्र प्रताप रावल उपस्थित रहे।

इसके अलावा कार्यकारिणी सदस्य सिमरन खत्री, संजय पंचाल, हर्ष कुमार, विमलेश कुमार, सन्नी कुमार, संजय त्यागी, मुकेश कुमार, पूरन कुमार और राहुल नम्बरदार के साथ IBA के वरिष्ठ सदस्य जेद रहमान तथा सदस्य डॉ. चंचल कुमार वार्ष्णेय, चरणजीत सिंह सलूजा और अनूप कुमार सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यशाला में जिले की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर पर्यावरणीय अनुपालन से संबंधित जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम के माध्यम से उद्योगों और प्रदूषण नियंत्रण विभाग के बीच संवाद को मजबूत करने तथा औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।


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