राहुल गांधी समेत 240 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात प्रस्ताव पर चुनाव आयोग का जवाब

टेन न्यूज नेटवर्क

New Delhi News (6 अक्टूबर 2026): चुनाव आयोग ने मंगलवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के आयोग से मिलने के प्रस्ताव को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। आयोग ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या संयुक्त प्रतिनिधिमंडल को चुनाव आयोग से मुलाकात के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होता है। आयोग के मुताबिक, मंगलवार शाम 4 बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने अपने अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से बैठक के लिए समय नहीं मांगा था।

चुनाव आयोग की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया कि शाम करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस से सूचना मिली कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिलना चाहता है और ज्ञापन सौंपना चाहता है।

2025 में तय की गई है बैठक की प्रक्रिया

ECI ने बताया कि वर्ष 2025 में राजनीतिक दलों के साथ बैठकों के लिए एक प्रक्रिया निर्धारित की गई थी। इसकी जानकारी सभी राजनीतिक दलों को दी गई है और दल इसी प्रक्रिया का पालन करते हैं।

आयोग के अनुसार, जब किसी राजनीतिक दल का प्रतिनिधिमंडल या कई दलों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिलना चाहता है, तो उसे अपने विधिवत अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से बैठक का समय मांगना होता है। इसके बाद दोनों पक्षों की आपसी सहमति से बैठक की तारीख और समय तय किया जाता है।

240 सांसदों के साथ बैठक का प्रस्ताव बताया गया

आयोग ने कहा कि मंगलवार शाम 4 बजे के बाद जब वह सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के प्रस्ताव पर विचार कर रहा था, तब दिल्ली पुलिस के DCP ने बताया कि बैठक की मांग 240 सांसदों के समूह के साथ की जा रही थी। बैठक के लिए प्रस्तावित स्थान संसद भवन एनेक्सी (Annexe) बताया गया।

चुनाव आयोग ने इसे असामान्य अनुरोध बताया और कहा कि उसके प्रोटोकॉल के अनुसार ऐसी मुलाकात चुनाव आयोग के परिसर में ही होती है। इसी वजह से आयोग ने प्रस्तावित तरीके से बैठक स्वीकार नहीं की।

EC ने दिया था वैकल्पिक प्रस्ताव

चुनाव आयोग ने कहा कि सांसदों का ज्ञापन लेने के लिए आयोग के सबसे वरिष्ठ कार्यरत अधिकारी को बैठक स्थल पर भेजा जा सकता है। ECI ने इसे अपने स्तर पर एक अभूतपूर्व कदम बताया।

हालांकि, आयोग के मुताबिक, सांसदों की ओर से इस वैकल्पिक प्रस्ताव को भी स्वीकार नहीं किया गया।

‘किसी भी राजनीतिक दल को मिलने से नहीं रोका गया’

ECI ने अपने बयान में कहा कि वह देश की संसदीय और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के साथ-साथ अपने प्रोटोकॉल और परंपराओं का भी सम्मान करता है।

आयोग ने स्पष्ट किया कि कोई भी राजनीतिक दल किसी भी समय चुनाव आयोग से मिलने का अनुरोध कर सकता है। आयोग समय की उपलब्धता और अनुकूलता को देखते हुए मुलाकात की तारीख और समय निर्धारित कर सकता है।

चुनाव आयोग ने इसे एक सामान्य और स्वाभाविक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि उसकी ओर से राजनीतिक दलों से मुलाकात को लेकर कोई रोक नहीं है, बल्कि निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत बैठक का समय और स्थान तय किया जाता है।।

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