नोएडा में प्रदूषण फैलाने पर Ivory County पर बड़ी कार्रवाई, 50 लाख का पर्यावरणीय जुर्माना

टेन न्यूज नेटवर्क

Noida News (06/10/2026): नोएडा में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने निर्माण परियोजनाओं के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। सेक्टर-116 के आसपास पिछले चार दिनों से AQI में लगातार बढ़ोतरी के बाद संबंधित क्षेत्र में निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया गया। इसी कार्रवाई के दौरान सेक्टर-115 में निर्माणाधीन Ivory County प्रोजेक्ट में प्रदूषण नियंत्रण के इंतजामों में कई गंभीर कमियां सामने आईं। इसके बाद परियोजना पर 50 लाख रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना लगाया गया है।

AQI बढ़ने के बाद निर्माण स्थलों की हुई जांच

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, सेक्टर-116 में लगे एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन के आसपास बीते करीब चार दिनों से वायु गुणवत्ता खराब हो रही थी। क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए आसपास चल रहे निर्माण कार्यों की निगरानी और जांच शुरू की गई। इसी क्रम में 5 अक्टूबर को Ivory County परियोजना का निरीक्षण किया गया। यह निर्माण स्थल सेक्टर-116 स्थित एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन से करीब 750 मीटर की दूरी पर है। निरीक्षण के दौरान परियोजना के DGM विनोद कुमार सहानी भी मौके पर मौजूद रहे।

खुले में मिला मलबा और निर्माण सामग्री

जांच के दौरान परियोजना परिसर में निर्माण कार्य से जुड़ी सामग्री, मिट्टी और मलबा कई स्थानों पर खुले में पड़ा मिला। अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण सामग्री और मलबे को ढककर रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई थी, जिससे धूल के कण हवा में फैलने की आशंका बनी हुई थी।

निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी का छिड़काव भी नहीं पाया गया। परियोजना के अंदर और बाहर आने-जाने वाले रास्तों पर भी धूल जमा मिली। भारी वाहनों और अन्य निर्माण वाहनों की आवाजाही के दौरान धूल उड़ने के बावजूद इन रास्तों पर प्रभावी तरीके से पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा था।

ग्रीन नेट और विंडब्रेकिंग वॉल में भी खामियां

अधिकारियों को निर्माणाधीन इमारत पर ग्रीन नेट की व्यवस्था भी नहीं मिली। इसके अलावा परियोजना परिसर में खुले स्थान पर स्प्रे गन के माध्यम से पेंटिंग का काम किए जाने की बात भी जांच में सामने आई।

धूल और निर्माण गतिविधियों से निकलने वाले कणों को परियोजना परिसर से बाहर जाने से रोकने के लिए लगाई गई विंडब्रेकिंग वॉल भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इससे आसपास के क्षेत्र में धूल के प्रसार को नियंत्रित करने की व्यवस्था पर सवाल उठे।

लाखों की लागत वाली एंटी-स्मॉग गन भी मिलीं बंद

प्रदूषण नियंत्रण के लिए परियोजना परिसर में दो एंटी-स्मॉग गन लगाई गई थीं, लेकिन निरीक्षण के समय दोनों मशीनें बंद मिलीं। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि इन मशीनों की स्थापना निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थी। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगाए गए उपकरणों के प्रभावी इस्तेमाल और निर्माण स्थल पर धूल प्रबंधन की व्यवस्था को लेकर विभाग ने गंभीर आपत्ति जताई।

GRAP के तहत भी हवा ‘वेरी पुअर’ श्रेणी में

अधिकारियों के मुताबिक, 29 सितंबर को केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की ओर से जारी GRAP शेड्यूल में भी सेक्टर-116 की वायु गुणवत्ता ‘वेरी पुअर’ श्रेणी में दर्ज की गई थी। इसके बाद क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ाने वाले संभावित स्रोतों की जांच को तेज किया गया।

Ivory County में निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने परियोजना के खिलाफ 50 लाख रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना लगाया है। कार्रवाई का उद्देश्य निर्माण स्थलों पर धूल और प्रदूषण नियंत्रण के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद नोएडा के अन्य निर्माण स्थलों पर भी प्रदूषण नियंत्रण के इंतजामों को लेकर निगरानी और सख्त किए जाने की संभावना है।


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