New Delhi News (28 May 2026): राजधानी दिल्ली में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली अग्निशमन सेवा (संशोधन) नियम, 2025 लागू होने के बाद अब भवनों के लिए फायर एनओसी हासिल करना पहले की तुलना में आसान और तेज हो जाएगा। नए नियमों के तहत निजी कंपनियां और अधिकृत विशेषज्ञ भी भवनों की जांच कर अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे लंबे समय से चली आ रही देरी की समस्या खत्म होगी और लोगों को समय पर एनओसी मिल सकेगी। अब तक विभाग में कर्मचारियों की कमी के कारण लोगों को महीनों तक इंतजार करना पड़ता था।
निजी विशेषज्ञों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
नई व्यवस्था में निजी विशेषज्ञों और कंपनियों को अग्नि सुरक्षा लेखा परीक्षक के रूप में नियुक्त किया जाएगा। हालांकि इनके लिए दिल्ली अग्निशमन सेवा के निदेशक के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। पंजीकृत विशेषज्ञ भवनों का विस्तृत निरीक्षण करेंगे और सुरक्षा मानकों के अनुरूप पाए जाने पर फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करेंगे। यह प्रमाण पत्र पूरी तरह वैध माना जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे न केवल प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी। नकद लेन-देन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है और अब सभी शुल्क केवल ऑनलाइन, बैंक ड्राफ्ट या पे ऑर्डर के जरिए जमा होंगे।
हर साल ऑनलाइन घोषणा देना होगा जरूरी
नए नियमों के तहत फायर एनओसी की निगरानी के लिए विशेष डिजिटल प्रणाली तैयार की गई है। अब भवन मालिकों को हर वर्ष अग्निशमन प्रमाण पत्र के नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन घोषणा देनी होगी। इसके अलावा संवेदनशील भवनों के लिए साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना भी अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीक आधारित इस व्यवस्था से फर्जी प्रमाण पत्रों और नियमों के उल्लंघन पर आसानी से नजर रखी जा सकेगी। इससे आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की संभावना है।
पूरी दिल्ली को पांच फायर जोन में बांटा गया
आग लगने की घटनाओं से तेजी से निपटने के लिए दिल्ली की अग्नि प्रबंधन प्रणाली को भी पुनर्गठित किया गया है। पूरी राजधानी को अब मध्य, पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण—इन पांच बड़े फायर जोन में विभाजित किया गया है। इनके भीतर 13 से अधिक छोटे मंडल काम करेंगे। सरकार का कहना है कि इस विकेंद्रीकृत व्यवस्था से फायर ब्रिगेड की प्रतिक्रिया क्षमता बेहतर होगी और घटनास्थल तक अग्निशमन वाहनों को पहुंचने में कम समय लगेगा। तेजी से बढ़ती आबादी और ऊंची इमारतों के बीच यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना, बहादुरी पर इनाम
अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है। छोटे मामलों में उप मुख्य अग्निशमन अधिकारी 10 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगा सकेंगे, जबकि गंभीर मामलों में निदेशक को इससे अधिक जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया है। वहीं दूसरी ओर आग की घटनाओं में लोगों की जान बचाने वाले नागरिकों और अग्निशमन कर्मियों को सम्मानित करने की व्यवस्था भी की गई है। उत्कृष्ट कार्य के लिए निदेशक एक लाख रुपये तक का नकद पुरस्कार दे सकेंगे, जबकि विशेष परिस्थितियों में सरकार की मंजूरी से इससे अधिक राशि भी दी जा सकती है।
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