दिल्ली-NCR में CNG भरवाने के नियम होंगे सख्त, IGL ने शुरू किया AI सिस्टम

टेन न्यूज़ नेटवर्क

New Delhi News (16 October 2026): सीएनजी भरवाने के दौरान होने वाले हादसों को रोकने और वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एक नई तकनीक की शुरुआत की है। इस पायलट प्रोजेक्ट का उद्देश्य सीएनजी स्टेशनों पर सुरक्षा मानकों को मजबूत करना और सिलेंडरों की हाइड्रोटेस्टिंग से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन कराना है। इस तकनीक के लागू होने से सीएनजी भरवाने आने वाले वाहनों के सिलेंडरों की वैधता की जांच करना आसान होगा और असुरक्षित सिलेंडरों में गैस भरने की घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

IGL ने इस परियोजना के शुरुआती चरण में 10 सीएनजी स्टेशनों पर ऑटोमैटिक व्हीकल रिकग्निशन सिस्टम स्थापित किया है। इस तकनीक का औपचारिक शुभारंभ बृहस्पतिवार को नई दिल्ली के शांतिपथ स्थित सीएनजी स्टेशन से किया गया। कंपनी की इस पहल को सीएनजी स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। AI तकनीक के इस्तेमाल से वाहनों की पहचान और सिलेंडरों के जरूरी दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज और प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है।

नई व्यवस्था के तहत सीएनजी स्टेशन पर लगाए गए अत्याधुनिक AI कैमरे स्टेशन में प्रवेश करने वाले वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे। इसके बाद सिस्टम संबंधित वाहन की जानकारी की जांच के लिए पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) के पोर्टल से जुड़ेगा। इसके माध्यम से वाहन में लगे सीएनजी सिलेंडर की हाइड्रोटेस्टिंग की वैधता और उसके प्रमाणपत्र की स्थिति का पता लगाया जाएगा। हाइड्रोटेस्टिंग सिलेंडर की मजबूती और सुरक्षा की जांच से जुड़ी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि सिलेंडर निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप है।

अगर AI सिस्टम की जांच में किसी वाहन के सीएनजी सिलेंडर की हाइड्रोटेस्टिंग की समय सीमा समाप्त पाई जाती है या उसका प्रमाणपत्र वैध नहीं होता, तो तत्काल अलर्ट जारी किया जाएगा। यह चेतावनी स्टेशन पर मौजूद कर्मचारियों के हैंडहेल्ड उपकरणों, LED डिस्प्ले और लाउडस्पीकर के माध्यम से दी जाएगी। इससे कर्मचारियों को संदिग्ध या नियमों का पालन नहीं करने वाले सिलेंडरों की पहचान करने और असुरक्षित रीफ्यूलिंग रोकने में मदद मिलेगी। इस तरह तकनीक के जरिए संभावित जोखिमों का समय रहते पता लगाने की व्यवस्था विकसित की जा रही है।

IGL की इस पहल का मुख्य उद्देश्य सीएनजी स्टेशनों पर सुरक्षा नियमों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित करना और वाहन चालकों के साथ-साथ स्टेशन कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाना है। शुरुआती चरण में 10 स्टेशनों पर लागू की गई इस प्रणाली के परिणामों के आधार पर आगे की व्यवस्था को लेकर निर्णय लिया जा सकता है। हालांकि, इस परियोजना के विस्तार को लेकर उपलब्ध जानकारी में कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई है। AI आधारित निगरानी से सिलेंडरों की वैधता की जांच अधिक व्यवस्थित होने और नियमों के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है।


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