New Delhi News (12 अक्टूबर 2026): भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पत्र का जवाब देते हुए प्रशासनिक स्तर पर बैठक करने से इनकार कर दिया है। 11 अक्टूबर 2026 को लिखे पत्र में CJI ने बताया कि उन्हें 10 अक्टूबर को दोनों नेताओं का पत्र मिला था, जिसमें 12 अक्टूबर को शाम 4 से 5 बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा गया था। इस मुलाकात का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त और निर्वाचन आयोग, कई छात्रों की कथित मनमानी गिरफ्तारी, मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने और ट्रेनों को रद्द किए जाने सहित अन्य मुद्दों पर ज्ञापन सौंपना था। मुख्य न्यायाधीश ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि इन मुद्दों से संबंधित मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जब संबंधित विषय सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित हैं, तो उन पर चर्चा के लिए बैठक बुलाना शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत के विपरीत होगा। उन्होंने इसे भारतीय संविधान की मूल संरचना से जुड़े सिद्धांत और स्थापित न्यायिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं बताया। CJI के अनुसार, न्यायपालिका को लंबित मामलों पर स्वतंत्र रूप से विचार करना होता है और प्रशासनिक स्तर पर ऐसी बैठक करना उचित नहीं होगा। खरगे और राहुल गांधी ने अपने पत्र में निर्वाचन आयोग, छात्रों की गिरफ्तारियों, मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने और ट्रेनों के रद्द होने जैसे मुद्दों को उठाया था। इन मुद्दों को लेकर विपक्ष की चिंताओं पर मुख्य न्यायाधीश ने अपने जवाब में संवैधानिक प्रक्रिया और न्यायिक मर्यादा का हवाला दिया।
CJI सूर्यकांत ने आगे कहा कि भारतीय संविधान के तहत सुप्रीम कोर्ट को इन मुद्दों पर प्रशासनिक कार्रवाई करने की शक्तियां प्राप्त नहीं हैं। हालांकि, संविधान के अनुच्छेद 32 और न्यायिक समीक्षा सहित न्यायालय की अन्य शक्तियों के तहत नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मामलों पर न्यायिक रूप से विचार करना उसकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट प्रत्येक नागरिक के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और नागरिक कानून में निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से इन अधिकारों के संरक्षण की मांग कर सकते हैं। मुख्य न्यायाधीश ने सुझाव दिया कि प्रशासनिक पक्ष में ज्ञापन देने के बजाय संबंधित मुद्दों पर न्यायिक राहत के लिए उचित याचिका दायर करना अधिक उपयुक्त होगा।
CJI ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि इसी तरह के मुद्दों से संबंधित कुछ मामले मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। उन्होंने खरगे और राहुल गांधी को बताया कि यदि वे उचित समझें, तो सोमवार को सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे के बीच सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से याचिका दायर कर सकते हैं या ई-फाइलिंग के माध्यम से किसी भी दिन और किसी भी समय याचिका दाखिल कर सकते हैं। मुख्य न्यायाधीश ने आश्वासन दिया कि कानून के अनुसार ऐसी किसी भी याचिका पर जल्द से जल्द सुनवाई की जाएगी। इस तरह, CJI ने विपक्षी नेताओं के ज्ञापन पर प्रशासनिक बैठक करने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया अपनाने का रास्ता सुझाया है।


प्रिय पाठकों एवं दर्शकों, प्रतिदिन भारत सरकार , दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय एवं दिल्ली राजनीति , दिल्ली मेट्रो, दिल्ली पुलिस तथा दिल्ली नगर निगम, NDMC, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की ताजा एवं बड़ी खबरें पढ़ने के लिए hindi.tennews.in : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल को विजिट करते रहे एवं अपनी ई मेल सबमिट कर सब्सक्राइब भी करे। विडियो न्यूज़ देखने के लिए TEN NEWS NATIONAL यूट्यूब चैनल को भी ज़रूर सब्सक्राइब करे।
टेन न्यूज हिंदी | Ten News English | New Delhi News | Greater Noida News | NOIDA News | Yamuna Expressway News | Jewar News | NOIDA Airport News.
टिप्पणियाँ बंद हैं।