जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े छात्रों को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने 129 FIR किए रद्द

टेन न्यूज़ नेटवर्क

New Delhi News (01 September 2026): छात्र आंदोलनों से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए दिल्ली समेत पांच राज्यों में दर्ज 129 FIR को खत्म करने का आदेश दिया है। अदालत ने केंद्र सरकार की मांग पर संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपने विशेष अधिकार का इस्तेमाल किया। इन मामलों का संबंध छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों से बताया गया है। फैसले के बाद संबंधित FIR में अब आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामलों को वापस लेने की मांग रखी। उन्होंने अदालत को बताया कि आंदोलन समाप्त कराने के दौरान छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का आश्वासन दिया गया था। दिल्ली के मामलों से संबंधित सूची अदालत के सामने रखे जाने के बाद बिहार, महाराष्ट्र, असम और पश्चिम बंगाल की ओर से भी संबंधित केस वापस लेने की जानकारी दी गई। इस तरह पांच राज्यों में दर्ज मामलों को खत्म करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने की। अदालत ने अनुच्छेद 142 के तहत मिले अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए सभी संबंधित FIR को समाप्त करने का आदेश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन मामलों में अब आगे कोई कार्रवाई नहीं होगी और ये मामले ‘अब इतिहास का हिस्सा हैं’। अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट को किसी मामले में पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक विशेष आदेश जारी करने की शक्ति देता है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े ऐसे मामले किसी अन्य राज्य में भी दर्ज हैं, तो उनकी जांच को आगे बढ़ाने के बजाय संबंधित स्थिति पर भी विचार किया जाना चाहिए। इस फैसले से दिल्ली के साथ बिहार, महाराष्ट्र, असम और पश्चिम बंगाल में दर्ज छात्र आंदोलन से जुड़े 129 मामलों पर कानूनी कार्रवाई का रास्ता बंद हो गया है। फैसला ऐसे समय आया है जब इन मामलों को वापस लेने को लेकर केंद्र और प्रदर्शनकारी पक्ष के बीच बातचीत चल रही थी।

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