दिल्ली का नाम बदलने की मांग, राजधानी का बदल जाएगा नाम?

टेन न्यूज नेटवर्क

नई दिल्ली (11 जनवरी 2025): दिल्ली में विधानसभा चुनावों की गहमागहमी के बीच एक नई मांग जोर पकड़ रही है। संत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज ने दिल्ली का नाम बदलकर इसका प्राचीन नाम ‘इंद्रप्रस्थ’ रखने का प्रस्ताव दिया है। इस मुद्दे ने राजनीतिक हलकों में चर्चा का माहौल बना दिया है।

स्वामी चक्रपाणि महाराज ने हाल ही में आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और सांसद संजय सिंह से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान उन्होंने दिल्ली के नाम परिवर्तन की मांग के साथ-साथ पुजारियों को वेतन देने और मंदिरों के बिजली बिल माफ करने की भी सिफारिश की।

उन्होंने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की और लिखा, “हमने सरकार से दिल्ली का ऐतिहासिक नाम ‘इंद्रप्रस्थ’ वापस लाने की मांग की है। साथ ही, पुजारियों के वेतन और मंदिरों के बिजली बिल माफ करने का अनुरोध भी किया है।”

क्या बदलेगा दिल्ली का नाम?

दिल्ली का नाम बदलने का यह मुद्दा नया नहीं है। इससे पहले भी कई बार देशभर में स्थानों के नाम बदलने को लेकर बहसें हो चुकी हैं। हालांकि, भारतीय संविधान के अनुसार, किसी भी राज्य या शहर का नाम बदलने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है। राज्य सरकार केवल इस संबंध में प्रस्ताव पास कर केंद्र को भेज सकती है।

नाम परिवर्तन पर प्रतिक्रिया

इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद राजनीतिक विशेषज्ञों और दिल्लीवासियों के बीच इस पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे ऐतिहासिक विरासत की वापसी बता रहे हैं, तो कुछ इसे चुनावी राजनीति का हिस्सा मान रहे हैं।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर विचार करती है और क्या दिल्ली का नाम ‘इंद्रप्रस्थ’ बनता है या नहीं।।

 


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